
ग्रीन वैली फार्मलैंड से जल्द हटाया जाएगा सरकारी भूमि पर किया गया कब्जा
जबलपुर (जयलोक) । बरगी थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्रीन वैली फार्मलैंड के नाम से दर्जनों लोगों को बेवकूफ बनाकर फर्जीवाड़ा करने वाले अर्थ डेवलपर एंड बिल्डर के प्रोपराइटर नीरज ललित प्रताप सिंह पर प्रशासन ने योजना बंद तरीके से झपट्टा मारा है। दर्जनों लोगों ने जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना के समक्ष बिल्डर के फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। इसके बाद कलेक्टर ने एसडीएम जबलपुर अभिषेक सिंह को कार्यवाही कर जाँच करने के निर्देश दिये।
एसडीम ने तहसीलदार प्रदीप तिवारी आरआई, पटवारी की टीम को मौके पर पहले जाँच करने भेजा। प्रथम दृष्ट्या फर्जीवाड़ा पाए जाने पर एसडीएम अभिषेक सिंह भी मौके पर पहुँच गए और हर बिंदु पर बारीकी से जाँच की। जाँच में यह पाया गया कि आरोपी बिल्डर के द्वारा तकरीबन 25 लोगों को धोखाधड़ी का शिकार बनाया गया है और इनकी संख्या और अधिक भी हो सकती है। यह भी पाया गया कि आरोपी बिल्डर के द्वारा सरकारी भूमि पर भी अवैध रूप से कब्जा किया गया है और निर्माण किया गया है। जाँच के बाद पूरी रिपोर्ट कलेक्टर दीपक सक्सेना तक पहुँची। अक्सर ऐसे मामलों में धोखाधड़ी करने वाले बिल्डर मामला दर्ज होने की भनक लगने से पहले ही फरार हो जाते हैं। इसलिए प्रशासन ने इस बार पूरी योजना बंद तरीके से अपनी कार्यवाही को अंजाम दिया। आरोपी बिल्डर नीरज ललित प्रताप सिंह फरार ना हो पाए इसलिए जाँच पूरी करने के बाद पुलिस के अधिकारियों को साथ लेकर पहले आरोपी की लोकेशन का पता लगाया गया। जब आरोपी गिरफ्तारी के जद में आ गया उसके बाद तत्काल पुलिस में मामला दर्ज किया और आरोपी को भगाने के पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया।

रीवा में भी दर्ज है आरोपी बिल्डर के खिलाफ एफआईआर
जाँच अधिकारी एसडीएम अभिषेक सिंह को इस बात की भी जानकारी प्राप्त हुई है कि आरोपी मूलत: रीवा का रहने वाला है। फर्जीवाड़ा करने वाले बिल्डर नीरज ललित प्रताप सिंह के खिलाफ एक प्रकरण पुलिस ने रीवा में भी दर्ज किया है। इसके बारे में विस्तृत विवरण निकलवाया जा रहा है।

दो-चार दिन में होगी कब्जा हटाने की कार्यवाही
कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बाद अब यह तय है कि एसडीएम जबलपुर के द्वारा अगले 24 घंटे में ही बरगी क्षेत्र के ग्राम जोगीढाना और हर्रई में आरोपी बिल्डर के द्वारा सरकारी भूमि में बनाए गए गेट बाउंड्री वॉल सडक़ निर्माण और गार्डन के अवैध कब्जे को तोडक़र हटाया जाएगा।

किसी को रजिस्ट्री की, किसी को कब्जा दिया
जाँच के दौरान अधिकारियों के समक्ष यह बात भी सामने आई कि लगभग 25 पीडि़त लोग जो सामने आए हैं उनसे आरोपी ने पैसे तो ले लिए लेकिन रजिस्ट्री नहीं की। लगातार इनको भटकाता रहा। आजकल का समय देकर ना तो उनके पैसे लौटाए गए और ना ही इनके पक्ष में फार्मलैंड की रजिस्ट्री की गई। जिन लोगों को रजिस्ट्री की गई उनको कब्जे कहीं और के दे दिए गए। यहां तक की इस पूरी फार्मलैंड की किसी प्रकार की योजना नहीं बनाई गई थी। जिसके कारण भूमि बटांकन नहीं हो पाने के कारण जिनकी रजिस्ट्री हुई भी थी वह नामांतरण नहीं करवा पा रहे थे।
पुलिस अधीक्षक ने तत्काल दिए कार्यवाही के निर्देश
राजस्व विभाग द्वारा जब इस पूरे फर्जी वाले की जांच की गई और पाया गया कि आरोपी बिल्डर द्वारा दो दर्जन से अधिक लोगों के साथ धोखाधड़ी की गई है और शासकीय भूमि पर भी कब्जा किया गया है। उसके बाद कलेक्टर दीपक सक्सेना ने तत्काल पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय के संज्ञान में पूरा मामला दिया और कार्यवाही करने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने भी तत्काल पुलिस बरगी पुलिस को राजस्व अधिकारियों के साथ मिलकर आरोपी को पहले ट्रेस करने और फिर गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।
ये है मामला
सस्ते प्लॉट का सपना दिखाकर बिल्डर नीरज ललित प्रताप ङ्क्षसह और डायरेक्टर सुधीर रावत ने ग्रीन वैली प्रोजेक्ट बरगी क्षेत्र में प्रारंभ किया था। जिसमें कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया। जिसके बाद पीडि़त अपनी शिकायत लेकर कलेक्टर के पास पहुँचे। जिसके बाद कलेक्टर ने इस मामले में जाँच के आदेश दिए। अब जाँच के दौरान एक के बाद एक कई बातें सामने आ रहीं हैं।
Author: Jai Lok







