
पहले पाकिस्तान पर नरमी थी, मोदी सरकार ने सख्ती दिखाई
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत को अपने पड़ोसी देशों से हमेशा अच्छे और आसान रिश्तों की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। लेकिन भारत ने ऐसी समझदारी वाली नीति बनाई है, जिससे चाहे किसी देश में सरकार बदले, रिश्ते फिर भी ठीक बने रहें। जयशंकर ने कहा, च्आखिरकार, हमारे हर पड़ोसी को यह समझना चाहिए कि भारत के साथ मिलकर काम करने से उनका फायदा होता है और न करने से नुकसान। कुछ देशों को इसे समझने में समय लगता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपवाद है, क्योंकि वहां की पहचान सेना के इर्द-गिर्द बनी है, उसमें शुरू से ही भारत के प्रति दुश्मनी भरी रहती है। जयशंकर ने कहा कि अमेरिका के साथ रिश्तों में कभी-कभी अनिश्चितता होती है, इसलिए भारत ने उसके साथ ज्यादा से ज्यादा जुड़ाव बनाए ताकि रिश्ते संतुलित रहें।

चीन के बारे में उन्होंने कहा कि सीमा पर हालात कई बार बहुत मुश्किल हो गए, खासकर गलवान की झड़प के बाद। इसलिए हमें सीमा पर सडक़ें और जरूरी सुविधाएं बनानी पड़ीं, जो पहले की सरकारों ने नजरअंदाज कर दी थीं।जयशंकर ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के बारे में बताते हुए कहा कि अब भारत सिर्फ जवाब नहीं देता, बल्कि जरूरत पडऩे पर खुद भी पहल करता है।

उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान को यह नहीं लगता कि वो कुछ भी कर लेगा और उसे सजा नहीं मिलेगी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हाल के सैन्य संघर्ष के दौरान भारत और पाकिस्तान कभी भी परमाणु युद्ध के कगार पर नहीं थे। जर्मन अखबार फ्रैंकफुरटर ऑलगेमाइन जितुंग को दिए इंटरव्यू में उन्होंने सीजफायर को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दावों को भी खारिज किया।

Author: Jai Lok







