
नई दिल्ली (एजेंसी/जयलोक)। भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान से सेंधा नमक के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस कदम ने पाकिस्तान के नमक व्यापार को गहरा झटका दिया है, क्योंकि भारत उनके लिए सबसे बड़ा और स्थायी बाजार था। अब पाकिस्तान को अपने नमक को चीन और अन्य देशों में निर्यात करना पड़ रहा है, लेकिन भारत जैसा लाभ मिलना मुश्किल हो गया है। पाकिस्तान के पंजाब में खेवड़ा की सेंधा नमक खदान दुनिया की सबसे बड़ी नमक खदानों में से एक है। यहां कई प्रोसेसिंग यूनिट्स हर साल लाखों टन नमक का उत्पादन करती हैं, जिसमें भारत सबसे बड़ा ग्राहक था। 2024 में लगभग 3.5 लाख टन नमक भारत को निर्यात हुआ था, जिसकी कीमत 12 करोड़ डॉलर के करीब थी। भारत के बैन के बाद यह बाजार पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ है।
पाकिस्तान ने चीन को अपने नमक निर्यात में तेजी लाने की कोशिश की है। 2025 की पहली तिमाही में चीन को नमक निर्यात 40 फीसदी बढक़र 136.4 करोड़ किलो हो गया, जिसकी कीमत लगभग 18.3 लाख डॉलर थी। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि चीन का बाजार स्थायी नहीं है क्योंकि चीन खुद भी नमक उत्पादन में सक्षम है और भारत जैसा बड़ा मुनाफा देना मुश्किल है। पाकिस्तान अब अमेरिका, वियतनाम, मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, तुर्की, इटली, ब्रिटेन, जापान और रूस जैसे देशों में नमक निर्यात करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन विभिन्न व्यापार नियम, टैक्स, और गुणवत्ता मानकों के कारण यह प्रक्रिया कठिनाइयों से भरी है।

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Author: Jai Lok







