
रज्जाक परिवार की जबलपुर, कटनी के अलावा हैदराबाद, बेंगलुरु में भी माइनिंग और बिल्डरशिप के व्यापार की सामने आ रही जानकारी
जबलपुर (जयलोक)। एक बार फिर सरकार की और संगठन की नजरे तिरछी होने के बाद पुलिस ने अब्दुल रज्जाक गैंग पर झपट्टा मारा है। पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्री सीटर अब्दुल रज्जाक 4 साल से जेल में बंद हंै। इस बार पुलिस की कार्यवाही में रज्जाक के बेटे, भाई भतीजे पर कार्यवाही की गई है। सरफराज, सज्जाद, महमूद और अजहर को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। यह कल सोमवार तक रिमांड पर रहेंगे। पूछताछ के दौरान अभी इन आरोपियों के हवाले से नई-नई जानकारियां निकलकर सामने आ रही हैं।
पूछताछ कर रही टीम के समक्ष यह जानकारी भी आई है कि रज्जाक परिवार का व्यापारिक फैलाव और कनेक्शन जबलपुर कटनी के अलावा हैदराबाद बेंगलुरु से होता हुआ दुबई और तुर्की तक पहुंच गया है।
पुलिस रिकॉर्ड में अब्दुल रज्जाक के दूसरे बेटे सरताज को भी विभिन्न मामलों में आरोपी बनाया गया है। सरताज के बारे में पुलिस का कहना है कि वह पहले दुबई में था और वर्तमान में तुर्की में मौजूद है और वही ये लोग व्यापारिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
पुलिस पूछताछ में यह बात भी निकाल कर सामने आई है कि जब गिरफ्त में आए सरफराज को अपने ऊपर मामला दर्ज होने की जानकारी मिली तो वे तत्काल यहां से बेंगलुरु और हैदराबाद की ओर रवाना हो गए और लंबे समय तक इन्हीं क्षेत्रों में विभिन्न स्थानों पर रहे। मिली जानकारी के मुताबिक अब पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह लोग यहां पर माइनिंग और बिल्डरशिप के कामों में भी शामिल हैं।
कल प्रशासन और पुलिस ने अब्दुल रज्जाक के भतीजे के डायग्नोस्टिक सेंटर पर कार्यवाही करते हुए उसे सील कर दिया है। पुलिस को अंदेशा है कि रज्जाक और उसके परिवार का ब्लैक मनी का पैसा यहां लगा है। ओमती पुलिस ने यहां रिकार्ड भी जप्त किए हैं।
यहां पंजीकृत विशेषज्ञों की अनुपस्थिति, अनाधिकृत प्रयोगशाला का संचालन, प्रदूषण नियंत्रण एवं बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन का अभाव, मशीनों का अनियमित संचालन, गैर चिकित्सकीय व्यक्तियों द्वारा संचालन सहित कई अव्यवस्थाएं निरीक्षण समिति के सदस्यों ने पाई। यहां एसडीएम अधारताल पंकज मिश्रा के नेतृत्व में की गई कार्रवाही में नोडल अधिकारी डॉ. आदर्श विश्नोई, तहसीलदार अधारताल संदीप जायसवाल, सीएसपी रितेश कुमार शिव, थाना प्रभारी नवल आर्य, नगर निगम सहायक यंत्री संजय वर्मा, जूनियर साइंटिस्ट आरके जैन, फायर ऑफिसर कुशाग्र ठाकुर, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पुष्पराज रेडियोलाजिस्ट, डॉ. जया श्रीवास्तव, डॉ. राकेश सागरिया व डॉ. डीके कोंडिया शामिल थे।

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Author: Jai Lok







