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40,000 अतिथि शिक्षकों का मानदेय रोका

भोपाल (जय लोक)। मप्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ऑनलाइन अटेंडेंस का प्रावधान किया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने हमारे शिक्षक पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करने का नियम लागू किया है। इस बार इस व्यवस्था को सख्ती से लागू कराया जा रहा है। इस कड़ी में ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज न करने वालों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। ऐसे ही 40,000 अतिथि शिक्षकों का मानदेय रोक किया गया है। इससे हडक़ंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, मप्र के स्कूलों में नव नियुक्त अतिथि शिक्षकों को काम की शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा है। इनमें चालीस हजार को जुलाई माह का मानदेय नहीं मिलेगा।
इस संबंध में लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसकी बाकायदा जिलावार सूची भी संलग्न की गई है। प्रदेश में विषय और श्रेणीवार रिक्त शिक्षकों के 85 हजार पदों पर संचालनालय अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति कर रहा है। अभी 70 हजार की नियुक्ति हुई है। शेष पद खाली है, जिन पर प्रक्रिया चल रही है। निर्देश थे कि सभी को पांकित शाला में ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अटेंडेंस लगानी होगी। हमारे शिक्षक पोर्टल की जब लोक शिक्षण संचालनालय ने पड़ताल की तो यह तथ्य सामने आया कि 40,000 अतिथि शिक्षकों ने ई अटेंडेंस नहीं लगाया है। उनमें अशोकनगर में पदस्थ 1090 शिक्षकों में से 348 ने ई अटेंडेंस नहीं लगाया है। वहीं झाबुआ में 600 में से 54, भिंड में 1360 से 427, भोपाल में 579 से 181, छतरपुर में 2678 से 1013, छिंदवाड़ा में 1027 से 300, दमोह में 1603 से 449, दतिया में 558 से 113 और देवास में 1610 से 466 अतिथि शिक्षकों ने अटेंडेंस नहीं लगाया है।

 

अब ई-अटेंडेंस पर ही मिलेगा वेतन
संचालनालय ने हमारे शिक्षक पोर्टल पर उपस्थिति का जो परीक्षण किया, उसमें 40 हजार अतिथि ऐसे हैं, जिन्होंने ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नहीं कराई है। अकेले झाबुआ में 600 अतिथि शिक्षकों में से मात्र 54 ने विभाग के आदेश का पालन किया है। अशोकनगर में नियुक्त एक हजार में से 348 ने ही ऑनलाइन हाजिरी भरी है। गुना, ग्वालियर, शिवपुरी, रतलाम, अलीराजपुर, छतरपुर सहित हर जिले में अतिथियों की ऑनलाइन अटेंडेंस के प्रति रूझान नहीं रहा है। संचालनालय डायरेक्टर केके द्विवेदी ने डीईओ को जो पत्र लिखा है, उसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए है। कहा गया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आमंत्रित किए गए अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से दर्ज करने के निर्देश थे। यह अत्यंत खेदजनक है कि अभी भी लगभग 80 फीसदी ने नियमित रूप से ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं कराई है।

 

इसलिए जिला शिक्षा अधिकारी समस्त संकुल प्राचार्य शाला प्रभारियों एवं अतिथि शिक्षकों को इस संबंध में सूचित करें। जिन अतिथियों द्वारा दैनिक उपस्थिति ऐप के माध्यम से दर्ज नहीं करई उन्हें जुलाई माह के मानदेय की पात्रता नहीं रहेगी। किसी भी हाल में इनके मानदेय का भुगतान नहीं किया जाए। सभी शिक्षकों द्वारा 18 जुलाई से ऑनलाइन उपस्थित दर्ज करना अनिवार्य होगा। जो अतिथि ऐप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे तो उन्हें वेतन भुगतान की पात्रता नहीं होगी।

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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