
नई दिल्ली। भारतीय सेना की सैन्य क्षमताओं में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। कलाम लैब्स द्वारा विकसित किया गया स्वदेशी स्ट्रैटोस्फेरिक कामीकेज ड्रोन काल अब भारतीय सेना के सामने पेश किया जा चुका है। इसे हाल ही में देवलाली स्थित आर्टिलरी मुख्यालय में परीक्षण के लिए उड़ाया गया, जहां इसने अपनी रेंज, ऊंचाई और सटीकता से सेना को प्रभावित किया।
यह ड्रोन विशेष रूप से ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों, जैसे लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश, में दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी खासियत यह है कि यह दुश्मन पर खुद को विस्फोट से उड़ाकर हमला करता है, यानी यह एक कामीकेज ड्रोन है।
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Author: Jai Lok







