
जाम से बचने रोड की जगह थाने के मैदान में खड़े कर दिए थे, टी आई हो गए नाराज
जबलपुर (जय लोक)। ऐसा नहीं है कि यह पहली बार था जब ग्रामीणों ने जाम से बचने के लिए सडक़ परिवहन न लगाकर बरगी थाना परिसर में स्थित खुले मैदान में लगा दिए थे लेकिन यह बात थाना प्रभारी को इतनी ना गवार गुजरी की उन्होंने थाने के पूरे स्टाफ को ग्रामीणों को सबक सिखाने के उद्देश्य से चालानी कार्यवाही में लगा दिया। चालान का आधार हेलमेट और नो पार्किंग बनाया गया। लेकिन इस बात का ध्यान नहीं दिया गया कि ऐसी परिस्थितियों में जब ग्रामीण एकत्रित है और त्योहार का समय है और पूर्व से ही भीड़ से बचने, जाम की स्थिति को टालने के लिए दो पहिया वाहन थाना परिसर में खड़े कर दिए जाते रहे हैं तो ऐसी कार्यवाही से रोष उत्पन्न हो सकता है। आक्रोश उत्पन्न हुआ भी जबलपुर पुलिस प्रशासन के मुर्दाबाद के नारे भी लग गए। यह सब सिर्फ थाना प्रभारी कि ग्रामीणों के प्रति नाराजगी का परिणाम था।

बरगी में रक्षाबंधन के पर्व पर साप्ताहिक बाजार जो की हर सप्ताह में शुक्रवार के दिन लगाई जाती है उसी क्रम में बरगी बाजार जो कि लगभग 200 ग्रामों का केंद्र बिंदु है रक्षाबंधन के पर्व पर लगा था लगभग 2 से 3 हजार के आसपास ग्रामीणों की भीड़ थी बड़ी संख्या लोग बाजार में आए थे और अपने दो पहिया वाहन हर सप्ताह की तरह बरगी बाजार के ठीक सामने बरगी थाना परिसर में खड़े कर दिए लेकिन जब अचानक से बरगी थाना प्रभारी ने अपने पुलिसिया अंदाज में ग्रामीण पर कार्यवाही करनी शुरू कर दी और थाने परिसर में खड़े वाहनों पर हेलमेट चेकिंग और नो पार्किंग का बेस बनाकर 300 400 और 500 वसूल करने शुरू कर दिए। जिसके बाद विरोध हुआ और आक्रोशित ग्रामीणों ने मुर्दाबाद के नारे लगाए और थाना प्रभारी पर मनमानी के आरोप लगाए ।

वीडियो बनाने से रोका
मिडिया और आम जन जब इस घटनाक्रम का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे तो बरगी पुलिस द्वारा उनको धमका कर वीडियो बनाने से मना कर दिया क्योंकि उनका डर था कहीं सोशल मीडिया वाले इस कार्यवाही को वायरल ना कर दे।लेकिन यह पूरा मामला प्रकाश में आ गया और पुलिस के तुगलकी अंदाज की चर्चा पुरे क्षेत्र में शुरू हो गई।

कुछ की रसीद कटी, कुछ रकम कर ली अंदर
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस द्वारा इस वसूली अभियान में कुछ ग्रामीणों को रसीद दे रहे थे और किसी से 100- 200 लेकर गाड़ी छोड़ रहे थे । बरगी आदिवासी बहुल क्षेत्र है और यहां पर रोज काम करने वाले मजदूर वर्ग के लोग के कारण ही बरगी की साप्ताहिक बाजार लगाई जाती है। मजदूर पूरे सप्ताह काम करता है और शुक्रवार के दिन बरगी बाजार में आकर अपना राशन लेता है ।लेकिन कई लोगों ने बताया कि मात्र 200 -300 रुपए लेकर ही बाजार आये थे और वह बरगी पुलिस ने ले लिए । जिससे कई लोग बिना सब्जी और राशन के घर वापस चले गए ।
स्थानीय पत्रकारों ने जब बरगी थाना प्रभारी जीतेन्द्र पाटकर से बरगी की इस त्योहारी बाजार में ग्रामीणों को हो रही परेशानी के बारे में बताया तो बरगी थाना प्रभारी का कहना है कि ग्रामीणों को साइकिल में बाजार आना चाहिए। जिससे किसी प्रकार का कोई चालान देना ना पड़े अगर उनके पास पैसे नहीं है तो गाडी से ना आये। थाना प्रभारी का कहना है कि बरगी बाजार में आए हुए ग्रामीणों ने बरगी थाना परिसर दो पहिया वाहन खड़े कर दिए जिससे उन पर चलानिक कार्यवाही की जा रही है हेलमेट और नो पार्किंग जोन के अंतर्गत जिससे ग्रामीण दोबारा थाने में वहां खड़े ना करें ।
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Author: Jai Lok







