
जबलपुर (जयलोक)। चंद पैसों के लिए नाले के पानी से सब्ज्यिों की सिंचाई कर लोगों की सेहत से खिलावाड़ करने वाले सब्जी उत्पादकों पर जिला प्रशासन द्वारा सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। जिसमें नाले के पानी से सब्जियों की सिंचाई करने वाले पर कार्रवाही करते हुए मोटर पंप जप्त कर ऐसी दूषित सब्जियाँ नष्ट की जा रही हैं। जिसमें कलेक्टर के आदेश पर गठित की गई 9 सदस्यीय टीम ने सात जगहों पर कार्रवाही की है। आयुक्त नगर निगम के द्वारा भी नगर निगम के सीमा क्षेत्र के अंदर जहाँ भी ऐसे कृत्य हो रहे है उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए है। यह कार्यवाही लगातार जारी है। इस कृत्य और इस दूषित सब्जी से होने वाले नुकसानों के सम्बन्ध में जय लोक ने शहर के जाने माने चिकित्सकों से इसके दुष्प्रभाव और बचाव दोनों के बारे में चर्चा की।

पहली कार्रवाही में जप्त हुए चार मोटर पंप
कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह के द्वारा गठित जाँच टीम के सदस्यों ने अपनी पहली कार्रवाई में ही ओमती नाले के किनारे बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। टीम ने नाले के पानी का उपयोग सिंचाई के लिए कर रहे लोगों पर सख्त कार्रवाई करते हुए मौके से 4 मोटर पंप जब्त किए। कार्रवाई के दौरान टीम द्वारा नाले के पानी का सेम्पल भी लिया गया है, जिसे परीक्षण के लिए भेजा गया है।

दूसरी कार्रवाही में गंदे पानी के स्त्रोंतो पर छापा
जन-स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाले तत्वों के खिलाफ प्रशासन ने लगातार दूसरे दिन भी कड़ा रुख अपनाया। दूसरी कार्रवाही में जिला प्रशासन, नगर निगम, फूड सेफ्टी (खाद्य सुरक्षा) और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने सिंचाई में उपयोग हो रहे गंदे पानी के स्त्रोतों पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान, सिंचाई के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दो मोटर पंप को मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

तीसरी कार्रवाही पाटन में
तीसरी कार्रवाही में पाटन बायपास से कटंगी बायपास रोड पर गंगा मैरिज गार्डन के पीछे के क्षेत्र में सिंचाई के लिए लगाए गए 2 नग अवैध मोटर पंप जब्त किए गए। टीम को निरीक्षण के दौरान ओमती नाले के पास कुछ किसानों द्वारा पंप लगाकर नाले के गंदे और जहरीले पानी से सब्जियों के खेतों की सिंचाई करते हुए पाया गया। टीम ने मौके पर ही तत्काल सिंचाई रोककर इस्तेमाल हो रहे दो मोटर पंपों को जब्त कर लिया।
चौथी कार्रवाही में चार पंप जप्त
पाटन बायपास स्थित ग्राम ओरिया में प्रशासन ने चौथी कार्रवाही करते हुए 4 किसानों को नाले के पानी से सिंचाई करते हुए पकड़ा। मौके से किसानों द्वारा सिंचाई में उपयोग किए जा रहे 4 मोटर पंप जब्त किए गए। यह कार्रवाई नगर निगम स्वास्थ्य अमले और प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम ओरिया में की गई। टीम ने नाले के किनारे छापामार कार्रवाई करते हुए कोमल चड़ार, सुंदर पटैल, सोनू भाईजान, एवं शैलू विश्वकर्मा को रंगे हाथ पकड़ा, जो सीधे गंदे नाले में मोटर डालकर पानी खींचकर अपनी सब्जी की फसलों की सिंचाई कर रहे थे।
पाँचवें दिन किसानों पर कार्रवाही
पाँचवीं कार्रवाही में गठित टीम के सदस्यों द्वारा वार्ड क्रमांक 72 स्थित कचनारी गांव में कार्रवाई की गयी। निरीक्षण के दौरान नाले के पास खेत की सिंचाई के लिए कोई पंप एवं अन्य संसाधन नहीं मिले। यह कार्रवाई नगर निगम स्वास्थ्य और अतिक्रमण अमले की संयुक्त टीम द्वारा कचनारी गांव में की गई।
छठवीं कार्रवाही में दूषित सब्जियाँ की नष्ट
छठवीं कार्रवाही वार्ड क्रमांक 72 अंतर्गत लमती क्षेत्र में ओमती नाले के दूषित पानी से फसलों की सिंचाई कर रहे किसानों पर बड़ी कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ किसान सीधे ओमती नाले में मोटर पंप डालकर दूषित पानी से खेतों की सिंचाई कर रहे थे। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सिंचाई में इस्तेमाल हो रहे दो मोटर पंप जब्त कर लिए। इसके साथ ही, मौके पर उगाई गई सब्जियों को भी जब्त कर नष्ट कराया गया, ताकि वे बाजार तक न पहुँच सकें।
सातवीं कार्रवाही में
सातवीं कार्रवाही ओरिया कटंगी वायपास एवं कठौंदा वायपास क्षेत्र में की गई। यहां नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, नाले के गंदे पानी को सीधे खेतों तक पहुँचाने के लिए उपयोग किए जा रहे 2 मोटर पंपों को मौक़े से जब्त कर लिया गया। अधिकारियों ने किसानों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे तुरंत दूषित जल का उपयोग बंद कर दें। चेतावनी में कहा गया है कि भविष्य में यदि कोई किसान दूषित पानी से खेती करते पाया जाता है, तो न सिर्फ उसके उपकरण जब्त किए जाएँगे, बल्कि उसके खिलाफ क़ानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
ये है चिकित्सकों की राय
ऐसा कृत्य अपराध की श्रेणी में आता है, बच्चों की सेहत पर भी नजर आ रहे हैं विपरीत असर – डॉ. मुकेश खरे
शहर के जाने-माने वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर मुकेश खरे ने दूषित नाले के पानी से तैयार की जा रही सब्जी के कृत्य को आपराधिक श्रेणी वाला कृत्य निरूपित किया है। डॉ खरे का मानना है कि इस प्रकार के कृत्य बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्गों तक की सेहत के लिए काफी हानिकारक हंै। अगर जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है तो यह कार्य अपराध से काम नहीं। वर्तमान में अधिकांश बच्चों को संक्रमण से होने वाली बीमारियाँ टाइफाइड, ज्वांइडिस, बुखार, दस्त की शिकायत सामने आ रही है। दूषित खान पान दूषित पानी इस प्रकार की संक्रमण वाली बीमारियों की मुख्य वजह में से एक है। छोटे बच्चों के शरीर में इस प्रकार के संक्रमण का असर जल्दी होता है और उन्हें आँतों संबंधी बीमारियाँ पकड़ लेती है। ऐसी स्थिति में परेशानी होने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सब्जियों का सेवन सामान्य रूप से भी पूरी सावधानियाँ के साथ उन्हें अच्छे से धोने और उबालने के बाद करना चाहिए।
किडनी पर भी पड़ता है असर-डॉ. व्ही के भारद्वाज
शहर के वरिष्ठ चिकित्सक इंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. व्ही के भारद्वाज ने इस गंभीर विषय पर जय लोक से चर्चा करते हुए बताया कि कैसे दूषित नाले के पानी में जो वेस्ट मटेरियल आता है उसमें हेवी मेटल होते हैं जो किडनी और दिमाग में भी संक्रमण पैदा कर सकते हैं। पानी से होने वाली बीमारी के कारण संक्रमण होता है वह किडनी पर भी कई बार गंभीर प्रभाव डालता है। इसके कारण कई प्रकार के न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर भी सामने आते हैं। सावधानी के रूप में सब्जियों का उपयोग करने से पहले बहते पानी में धोना चाहिए। सब्जियों के ऊपरी छिलके पर जमे केमिकल को अच्छे से पानी से धोना चाहिए सादे पानी से भी इसे साफ कर लेना चाहिए। सब्जियों के ऊपरी सतह पर परजीवियों का अधिक प्रभाव रहता है छिलका उतार कर इसका सेवन करना अधिक लाभकारी हो सकता है। संक्रमण होने के प्रभाव नजर आते ही तत्काल चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
कच्चे स्वरूप में ज्यादा नुकसान कर सकती हैं सब्जियाँ, सावधानी से उबालकर उपयोग करना चाहिए – डॉ. शैलेंद्र राजपूत
इस गंभीर विषय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए शहर के प्रतिष्ठित चिकित्सक एमडी मेडिसिन डॉक्टर शैलेंद्र राजपूत ने जय लोक से कहा कि दूषित पानी से सब्जियों के ऊपरी सतह पर परजीवियों का और कीटाणुओं का पाया जाना मानव शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है। यूरिया कीटनाशक का उपयोग पहले ही अपने दुष्प्रभाव दिखता है। दूषित पानी का सीधा असर किसी भी सब्जी के ऊपरी सतह पर अधिक होता है। कच्ची सलाद के रूप में सब्जियों का सेवन अधिक नुकसानदायक हो सकता है इसलिए सावधानी के साथ उन्हें पहले अच्छे से साफ कर लेना जरूरी है। उबालकर सब्जियों का सेवन करना अधिक लाभदायक होता है। यह सावधानियां हमें गंभीर संक्रमण से बचा सकती हैं।
संक्रमण होगा तो ओरल हेल्थ पर भी दुष्प्रभाव दिखेगा-डॉ. अश्विन देशमुख
जाने माने दंत चिकित्सक डॉ. अश्विन देखमुख का कहना कि दूषित पानी से तैयार होने वाली सामग्री या सब्जियाँ निश्चित रूप से मानव शरीर के लिए हानिकारक है। इसका पहला प्रभाव गंभीर संक्रमण के रूप में सामने आता है। जब यह संक्रमण शरीर में फैलता है तो दांतों और मसूड़े की स्वस्थ दिशा पर भी इसका विपरीत प्रभाव नजर आने लगते हैं। शरीर के अन्य भागों की तरह यह संक्रमण मानव शरीर की ओरल हेल्थ पर भी काफी प्रभाव डालता है।
आँखों पर भी पड़ता है विपरीत असर-डॉ. अविजीत विश्नोई
नेत्र विशेषज्ञ डॉ. अविजीत विश्नोई का कहना है कि आपने हमेशा सुना होगा कि लोग कहते हैं कि पहले के खाने में और आज खाने में बहुत फर्क आ गया है। खाने में अब वह पोषक तत्व नहीं मिलते जो आँखों को सीधे फायदा पहुंचाकर स्वस्थ रखते थे इसके लिए लोग दवाइयाँ का सहारा लेते हुए मल्टीविटामिन लेते हैं। खान पान की चीज दूषित होने से सबसे पहले संक्रमण का खतरा बढ़ता है। शरीर में बढऩे वाला संक्रमण आँखों पर भी दुष्प्रभाव डालता है। खेती के कार्य में पहले ही कीटनाशक और केमिकल के उपयोग से कई प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है उसमें यह दूषित पानी इसका दुष्परिणाम और बढ़ा देता है। स्वस्थ शरीर कीटाणुओं से लडऩे की क्षमता अधिक रखता है और शरीर के हर भाग को संक्रामक रोगों से बचाता है।
एलर्जी, बाल झडऩे जैसी समस्याएं भी आती हैं सामने-डॉ. हितेश लोकवानी
शहर के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉक्टर हितेश लोकवानी ने जय लोक से इस विषय पर चर्चा करते हुए कहा कि इस प्रकार के संक्रमण से होने वाली बीमारियाँ पहला असर पेट पर और आंतों पर असर डालती है, उसके बाद इनका असर चर्म रोग, संक्रमण के रूप में भी सामने आता है। हमारे पास कई ऐसे मरीज आते हैं जिन्हें दूषित खानपान के कारण अगले 48 घंटे में ही शरीर के अलग-अलग हिस्सों में रैशेज आ जाते हैं, लाल निशान पड़ जाते हैं, दाने निकल आते हैं। चर्चा की जाती है तो पता चलता है कि विगत दिनों उन्होंने बाहर कुछ खा लिया था जो दूषित होने के कारण अपना प्रभाव दिखा रहा है। इस प्रकार के संक्रमण कई बार बालों के झडऩे और गंभीर एलर्जी का कारण भी बनते है।
पेनक्रियाज पर भी पड़ता है असर : डॉ. आशीष डेंगरा
शहर के जाने-माने डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. आशीष डेंगरा ने जय लोक से चर्चा करते हुए कहा कि इस प्रकार के दूषित जल से तैयार की जाने वाली सब्जियों में बहुत अधिक मात्रा में हेवी मेटल पाया जाता है जो सीधे तौर पर लिवर को किडनी को तो प्रभावित करता है साथ ही शरीर के महत्वपूर्ण अंग पेनक्रियाज पर भी विपरीत असर डालता है जिसके कारण पेनक्रियाज खराब होते हैं और इंसुलिन बनना बंद हो जाता है और आदमी गंभीर मधुमेह बीमारी का शिकार हो सकता है। कई बार देखा गया है कि मरीजों को पेशाब से संबंधित परेशानियाँ भी उत्पन्न हो जाती हैं। इस प्रकार के गंभीर संक्रमण से शरीर की कुछ नसों पर भी विपरीत असर नजर आता है और पेट की खराबी के कारण शरीर के हर अंग पर इसका असर पड़ता है।
Author: Jai Lok







