
नगर निगम हर जोन में ले रहा सैंपल, महापौर आयुक्त ने शिविरों के माध्यम से की जल जन सुनवाई , कांग्रेस अध्यक्ष भी वार्ड-वार्ड जाकर ले रहे पानी के सैंपल, समांतर टेस्टिंग कार्य जारी
जबलपुर (जयलोक)
इंदौर में हुई दूषित पेयजल से 18 मौतों के बाद पूरे प्रदेश में दूषित पेयजल का मामला गरमाया हुआ है। विशेषकर मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने इसे प्रमुख मुद्दा बना लिया है प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने आज एक पोस्ट सोशल मीडिया पर डाली। उक्त पोस्ट में जबलपुर के ग्वारीघाट में सीवरेज का पानी नर्मदा नदी में मिलने से संबंधित बात का उल्लेख करते हुए फोटो डाली गई है। इस पोस्ट के वायरल होने के कुछ देर बाद ही नगर निगम में हल्ला मच गया। आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार विषय की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जल विभाग के अधिकारियों के साथ उल्लिखित ग्वारीघाट के स्थान का निरीक्षण करने पहुँचे लेकिन जब भी मौके पर पहुंचे तो ऐसी कोई स्थिति नजर नहीं आई। सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई फोटो में जो नाला दिखाई दे रहा है वह काफी पुराना फोटो है और अब नर्मदा नदी में कोई भी नाला सीधे नहीं मिल रहा है। नगर निगम प्रशासन की ओर से वर्तमान तस्वीर भी जारी की गई है। दूसरी ओर इंदौर में हुए पूरे घटनाक्रम को लेकर शासन प्रशासन की ओर से जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार जबलपुर जिले में कलेक्टर एवं नगर निगम कमिश्नर ने घटना के अगले ही दिन अधिकारियों की बैठक ली थी। जबलपुर के पेयजल सप्लाई करने वाले सेंटरों पर जाकर निरीक्षण किया था।

कलेक्टर आयुक्त ने पिया था पानी
वॉटर फिल्ट्रेशन प्लांट के निरीक्षण के दौरान पानी की गुणवत्ता को जाँचने परखने के बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह एवं आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने स्वयं पानी पीकर भी देखा था।

महापौर अध्यक्ष आयुक्त ने की सुनवाई
पेयजल की समस्याओं को लेकर महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू की मंशा के अनुरूप नगर निगम मुख्यालय से लेकर सभी 16 संभागीय कार्यालय में जल पर जनसुनवाई की गई थी। जहां भी जिस प्रकार की समस्याएं सामने आईं वहां पर तत्काल निगम के अधिकारियों और लाइनमैन को भेज कर जांच करने के लिए कहा गया और समस्याएं अगर है तो उसे ठीक करने के निर्देश दिए गए।


कलेक्ट किए जा रहे सैंपल
आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने जयलोक को बताया कि सभी 16 संभागों में वर्तमान स्थिति को देखते हुए निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। क्षेत्र के लोग अपने संबंधित संभागीय कार्यालय में जाकर पानी का सैंपल जमा कर भी रहे हैं और उनकी जांच भी हो रही है। अभी तक किसी भी पेयजल के सैंपल में बड़ी खामी नजर नहीं आई है। इसके अलावा नगर निगम की टीमें भी स्वयं गली मोहल्लों में जाकर अलग-अलग क्षेत्र से पानी के सैंपल कलेक्ट कर रही हैं और उनका लैब में टेस्ट करवाया जा रहा है। प्रशासन इस पूरे मामले को लेकर बेहद ही संजीदा है और अगर कहीं कमी पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
स्थिति छुपाना नहीं है गलत है तो उसे सुधारना है
आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने अपने अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारियों विशेष कर जल विभाग की पूरी टीम से यह कहा है कि पेयजल की समस्या कहीं भी विकराल रूप ना ले पाए दूषित पेयजल की समस्या हमें उत्पन्न नहीं होने देनी है इसलिए निरीक्षण के दौरान जो भी वस्तु स्थिति नजर आ रही है उसे छुपाने की जरूरत नहीं है अगर कहीं कुछ गलत पाया जाता है तो उसे सामने लाएं ताकि उसका समय रहते सुधार कार्य किया जा सके।
कांग्रेस भी लगातार ले रही पानी के सैंपल
कांग्रेस नगर अध्यक्ष सौरभ शर्मा ने पेयजल के मुद्दे को प्रदेश कांग्रेस की गाइडलाइन के अनुसार जबलपुर में भी उठाना शुरू कर दिया है। वे स्वयं तीन-चार दिनों से शहर के विभिन्न वार्डों में जा जाकर घरों से पानी का सैंपल ले रहे हैं और टेस्टिंग किट के माध्यम से इन सैंपलों की जांच की जा रही है। कई स्थानों पर उन्होंने अपने द्वारा लिए गए पानी के सैंपल फेल होने के आरोप लगाए हैं। और इस बात की जानकारी नगर निगम प्रशासन को भी दी है।
नेता प्रतिपक्ष कर रहे काँग्रेस नगर अध्यक्ष के कार्यक्षेत्र में सेंधमारी
Author: Jai Lok






