
जबलपुर (जयलोक)। माढ़ोताल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्रीन वैली पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में दो छात्रों ने उस वक्त हॉस्टल प्रबंधन के पसीने छुड़ा दिए जब अपने घर जाने की जिद में छात्रों ने खुद को अलमारी में बंद कर लिया। हॉस्टल प्रबंधन और पुलिस काफी देर तक बच्चों को तलाशते रहे। काफी देर बाद जब बच्चे मिले तो उन्होंने बताया कि उन्हें अपने माता पिता की याद आ रही थी और वे अपने माता पिता से मिलना चाहते हैं लेकिन हॉस्टल प्रबंधन कुछ ना कुछ बहाना बनाकर उन्हें अपने माता पिता से मिलने नहीं दे रहा है।

लापता हुए छात्रों की पहचान सार्थक पटेल और आलोक के रूप में हुई है। जो 6वीं के छात्र हैं। बरामदगी के बाद छात्र सार्थक ने स्कूल प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए। छात्र का कहना है कि प्रबंधन उन्हें उनके माता-पिता से बात करने की अनुमति नहीं देता था। सार्थक के अनुसार हम घर जाना चाहते थे, लेकिन जब भी सर से बात कराने को कहते तो वे अगले रविवार का बहाना बना देते थे। इसी मानसिक तनाव और घर जाने की जिद के कारण दोनों छात्रों ने स्कूल के ही एक क्लासरूम की अलमारी में छिपने का निर्णय लिया।

छात्र इतने डरे हुए थे कि जब स्टाफ उन्हें ढूंढने आया, तो वे पकड़े जाने के डर से और अंदर दुबक गए। लगभग एक घंटे की सघन तलाशी के बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और उनका मानसिक स्वास्थ्य सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है कि क्या बच्चों को किसी तरह प्रताडि़त किया गया था या यह केवल संवाद की कमी का नतीजा है।

बच्चों की होगी काउंसलिंग
पुलिस द्वारा बच्चों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी। साथ ही हॉस्टल प्रबंधन से बच्चों की मानसिक स्थिति को देखते हुए उन्हें उनके परिजनों से बात करने की भी बात की जाएगी ताकि दोबारा ऐसी स्थिति पैदा ना हो। वहीं पुलिस ने इस मामले में दो अलग अलग एफआईआर दर्ज की है। पुलिस अब इस मामले में गहराई से जाँच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या बच्चों को यहां प्रताडि़त किया जा रहा है या फिर संवाद की कमी है।
नियमों को नहीं मान रहा प्रबंधन
सार्थक के पिता सीताराम पटेल ने आरोप लगाया कि स्कूल में हर रविवार बच्चों की अभिभावकों से फोन पर बात कराने का नियम है, लेकिन कई बार कॉल करने के बावजूद बात नहीं कराई जाती। वहीं दो सप्ताह से छात्रों की उनके माता पिता से बात नहीं कराई गई। इसी बात से छात्र नाराज थे।
Author: Jai Lok







