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सौ करोड़ की सौगात के लिए मदन महल पहाड़ी पर आज से चल रहा हथौड़ा, पर्ची वालों को तेवर में विस्थापित किया जा रहा, बांस, बल्ली, तिरपाल दे रहा प्रशासन, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर 650 से अधिक अतिक्रमण हटाने का काम शुरू

जबलपुर (जयलोक)। उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद आज आखिरकार मदन महल पहाड़ी पर फिर एक बार बुलडोजर गरजा। कार्रवाही के प्रारंभ में प्रशासनिक अमले की ओर से अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाही सब्बल, हथोड़े से की गई। साथ ही कुछ लोग अपनी मर्जी से भी अपने अतिक्रमण हटाते नजर आए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मदन महल के 650 अतिक्रमणों को हटाया जाना है जिन्हें हटाने का काम आज से शुरू हो चुका है। पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त होने के बाद जबलपुर की इस स्वांस नलिका को रानी दुर्गावती की स्मृति में सौ करोड़ की लागत से सजाया संवारा जाएगा।

यहां अवैध निर्माणों को तोडऩे की कार्रवाही सुबह से की जा रही है। हंगामा और विवाद की स्थिति से निपटने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। शहर की पहचान माने जाने वाली ऐतिहासिक मदन महल पहाड़ी पर अतिक्रमण की कार्रवाही को रोकने के लिए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाते हुए कार्रवाही के आदेश जिला प्रशासन को दिए थे। जिसके बाद जिला प्रशासन ने होली के बाद कार्रवाही करने का निर्णय किया था। होली का त्यौहार गुजरते ही जिला प्रशासन, नगर निगम एवं पुलिस ने संयुक्त रूप से अपनी कार्रवाही शुरू कर दी। नगर निगम, राजस्व विभाग और जिला पुलिस की संयुक्त टीम इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व कर रही है।

मशीनों से तोड़े जा रहे निर्माण

मौके पर जहां मशीनोंं से संभव हो पा रहा है अतिक्रमण तोड़े जा रहे हैं। जो अतिक्रमण पहाड़ पर या चट्टान की आड़ में ऊंचाई पर बनाए गए हैं उन्हें मजदूर हथौड़े से तोड़ रहे हैं।  पहाड़ी पर बने अवैध निर्माणों को तोडऩे के लिए मशीनों को तैनात किया गया है। जिन्हें जरूरत अनुसार उपयोग किया जा रहा है।

यहां से पहले हटाए जा रहे अतिक्रमण

पुरवा क्षेत्र के आईसीएमआर कार्यालय के समीप बड़ी संख्या में मशीनरी तैनात की गई है। प्रशासनिक अमला अपने साथ जेसीबी मशीनों और डंपरों का बड़ा बेड़ा लेकर पहुंचा है। यहां पूर्व में ही अवैध निर्माणों को चिन्हित कर लिया गया था। अवैध मकानों और बाउंड्री वॉल को गिराने का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से पहाड़ी की मूल भूमि को वापस प्राप्त करना प्राथमिकता है। प्रशासन ने साफ  कर दिया है कि किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मई तक हट जाएंगे यहां के पूरे अतिक्रमण-कलेक्टर

कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह ने बताया कि मदन महल पहाड़ी पर जमे अवैध अतिक्रमणों को आज से हटाया जा रहा है। पूर्व में ही अतिक्रमणों को चिन्हित कर लिया गया था। कार्रवाही के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। यहां रानीदुर्गावती का स्मारक बनाया जाएगा। यहां से हटाए जा रहे लोगों को विस्थापित किया जा रहा है। जिसमें उन्हें तिरपाल, भोजन पानी की भी व्यवस्था की जा रही है। उच्चतम न्यायालय द्वारा आदेेश दिया गया था कि यहां से अतिक्रमण हटाकर इसके प्राकृतिक स्वरूप को संरक्षित किया जाए। इसके पूर्व यहां सर्वे कराया गया था। पूर्व में भी यहां अतिक्रमण हटाया जा चुका है। आज से जो कार्रवाही शुरू की गई है मई माह तक पूरे अतिक्रमण हट जाएंगे।

विरोध करने वालों को दी गई समझाइश, भोजन, पानी की व्यवस्था भी प्रशासन ने की-एसडीएम सिंह

गोरखपुर एसडीएम अनुराग सिंह ने उक्त कार्रवाही के संबंध में जयलोक को जानकारी देते हुए बताया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर आज से यह कार्रवाही प्रारंभ की गई है। प्रथम दिवस अतिक्रमणकारियों का विरोध और उनकी माँगे प्रशासन के समक्ष आईं हैं। जो माँगे पूरी हो सकती हैं उन पर कार्य किया जा रहा है। जो पुराने अतिक्रमणकारी चिन्हित थे उन्हें पर्चियाँ दी गई हैं एवं उनको तेवर ग्राम में विस्थापित किया जा रहा है। जो नए अतिक्रमणकारी हैं उन्हें भी हटाने की कार्रवाही की जा रही है। विस्थापन के कार्य में प्रशासन मानवीय दृष्टिकोण से विस्थापित हो रहे लोगों के भोजन पानी से लेकर उन्हें बाँस, बल्ली, तिरपाल भी उपलब्ध करा रहा है।

 

उषा भार्गव कांड में डॉ. व्ही.व्ही. श्रीवास्तव की गवाही मंंडला में दर्ज कराई गई थी

 

 

Jai Lok
Author: Jai Lok

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