
एबीवीपी की बैक डोर एंट्री की भी चर्चा
तीन नामों पर सबसे अधिक जोरआजमाइश, जल्द हो सकता है निर्णय

जबलपुर (जय लोक)। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्य समिति की घोषणा के बाद अब जिन जिलों में युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष पदों पर घोषणा होनी है उनको लेकर दावेदारों के बीच जोर आजमाइश का दौर चरम पर है। युवा मोर्चा के अध्यक्ष को लेकर भारतीय जनता पार्टी में भी अब गुटबाजी और खेमेबाजी चरम पर है भले ही शीर्ष नेतृत्व के लोग इसे नकार दें लेकिन वास्तविकता से मुँह नहीं मोड़ा जा सकता।

हालांकि जबलपुर से नगर अध्यक्ष पद के लिए कई लोग दावेदारी कर रहे हैं लेकिन इनमें तीन-चार नाम ही ऐसे हैं जिन पर गंभीरता से विचार करने की स्थिति उत्पन्न होती नजर आ रही है।
इसके अलावा कुछ नाम ऐसे भी हैं जो अब प्रदेश कार्य कार्यकारिणी में स्थान पाने के लिए हाथ पाँव मार रहे हैं। जो प्रदेश स्तर के पदाधिकारी पूर्व हो गए हंै वो भी इस जुगत में भिड़े हुए हैं कि किसी प्रकार से वे भी प्रदेश स्तरीय कोई भी पद पा सकंे। कुछ नेता ऐसे भी हैं जिनके लिए पद पाना अपनी और अपनी पारिवारिक प्रतिष्ठा का सवाल है। वहीं कुछ ऐसे युवा नेता भी दावेदारी में शामिल हंै जिन्होंने जमीनी स्तर पर काफी संघर्ष किया है और अपनी कार्य क्षमता के आधार पर वे नगर अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी उठाने की दावेदारी कर रहे हैं।

जन प्रतिनिधियों की रजामंदी जरूरी
युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष का पद महत्वपूर्ण पद है भारतीय जनता पार्टी की युवा इकाई को संचालित करते हुए अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी से जोडऩे का काम करने की जिम्मेदारी इस पद पर नियुक्त होने वाले अध्यक्ष की होती है। सूत्रों का कहना है कि युवा मोर्चे के अध्यक्ष को लेकर भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी राजनीतिक उठापठक चरम पर है और इसलिए नगर के सभी प्रमुख जनप्रतिनिधियों, सांसद, विधायकों संगठन के महत्वपूर्ण पदाधिकारियों की रायशुमारी और रज़ामंदी जरूरी है जो की आसान कार्य नहीं है। युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष पद के लिए उठा पटक कर रहे अधिकांश दावेदार भोपाल में डेरा डाले हुए हैं। स्थानीय नेताओं के साथ-साथ प्रदेश के नेताओं से अपने संबंधों और इनकी की गई सेवा का भरपूर उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है।
टक्कर के लिए चाहिए दमदार नाम
कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष भी जबलपुर से एक बात की चिंता और भाजपा संगठन को करनी होगी कि युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष पद के लिए ऐसा दमदार और प्रभावी नाम चाहिए जो युवाओं के बीच में पार्टी की रीति नीति को अधिक मजबूती के साथ रख सके। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष का पद जबलपुर के खाते में है। जबलपुर में युवक कांग्रेस की सक्रियता भी बढ़ गई है इसे भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा को चुनौती के रूप में लेना होगा।
प्रभावी दल के लोगों को मिली तवज्जो, आगे भी मिलेगी तवज्जो
संगठन में इस बात की भी चर्चा अधिक हो रही है कि हाल ही में जो घटनाक्रम प्रदेश कार्य समिति और भाजपा के नगर अध्यक्षों के चयन के लिए नजर आ रहा है, उसमें यह तो साफ हुआ है कि एक प्रभावी गुट से जुड़े लोगों को विशेष कर बिना कोई विशेष उपलब्धि होने के बावजूद भी वर्तमान समय में नियुक्ति के मामले में तवज्जों दी गई वहीं नगर अध्यक्ष पद के लिए भी इस गुट के लोगों को पूर्व से अधिक तवज्जों मिलने की चर्चा अभी से सरगर्म है।
वर्तमान समय में जबलपुर से युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष पद के लिए जबलपुर से जिन तीन नामों की सर्वाधिक चर्चा हो रही है उसमें ईशान नायक, रविंद्र तिवारी, रौनक अग्रवाल के नाम सर्वाधिक चर्चा में है। इसके अलावा शुभम गोटिया, मानव घनघोरिया के नाम प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
एबीवीपी की बैक डोर एंट्री की भी चर्चा
युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष पद पर चयन के लिए कई कयास और कई गुणा भाग अपने-अपने स्तर पर लगाए जा रहे हैं। इसी बीच इस बात की चर्चा भी प्रारंभ हो गई है कि युवा मोर्चा नगर अध्यक्ष पद की दौड़ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से भी कोई नाम अचानक से बैक डोर एंट्री कर सकता है।
सूत्रों का कहना है कि भले ही यह बैक डोर एंट्री होगी लेकिन अगर यह एंट्री दावेदारों की दौड़ में होती है तो बड़ी प्रभावी होगी और इसे वर्तमान दावेदारों का पूरा गणित बिगाड़ सकता है।
Author: Jai Lok







