
परीक्षा में आए थे, गेस पेपर में शामिल 410 में से 120 सवाल
नई दिल्ली (जयलोक) भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 को रद्द कर दिया गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि अनुमानित प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप सामने आए हैं। 3 मई को हुई परीक्षा की ईमानदारी पर सवाल उठे, जिसके बाद सरकार ने मामले की जांच के लिए सीबीआई को जिम्मेदारी दी है। एनटीए अब इस परीक्षा को दोबारा आयोजित करेगा और छात्रों से किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। साथ ही पंजीकृत उम्मीदवारों की जानकारी और परीक्षा केंद्र पहले की तरह ही मान्य रहेंगे। इस पूरे मामले में सरकार ने जांच के आदेश भी दिए हैं, जबकि छात्रों को आधिकारिक सूचना का पालन करने की सलाह दी गई है। केंद्र सरकार ने नीट यूटी 2026 की परीक्षा रद्द कर दी है। सरकार ने कहा है कि परीक्षा की नई तारीखें जल्द ही घोषित की जाएंगी। नीट परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी एनटीए ने एक बयान जारी कर बताया कि केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा को रद्द करने का फैसला किया गया है। यह परीक्षा 3 मई को आयोजित हुई थी। हालांकि पेपर लीक की आशंका के चलते यह सवालों के घेरे में आ गई थी। एनटीए ने कहा है कि जल्द ही परीक्षा की नई तारीखों का एलान कर दिया जाएगा। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने बताया कि उन्हें जांच एजेंसियों से जो इनपुट मिले, उनके आधार पर पता चला कि मौजूदा परीक्षा प्रक्रिया को जारी नहीं रखा जा सकता। परीक्षा की नई तारीखें, एडमिट कार्ड का शेड्यूल आदि जल्द ही एजेंसी के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से बता दिया जाएगा। एनटीए ने बताया कि सरकार ने अब इस संभावित पेपर लीक की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी।
राजस्थान से हुआ पेपर लीक मामले का खुलासा?
3 मई को आयोजित नीटी यूजी 2026 परीक्षा होने के बाद से ही पेपर लीक की आशंका गहराने लगी थी। राजस्थान में कई छात्रों के पास हाथ से लिखा हुआ एक कथित गेस पेपर मिला, जिसके सवाल वास्तविक परीक्षा के प्रश्नों से मेल खाते बताए गए। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद 10 मई को राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए देहरादून, सीकर और झुंझुनू से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में सीकर के एक कोचिंग संस्थान से जुड़ा एक करियर काउंसलर भी शामिल है।
एनटीए ने क्या कहा था?
रविवार को एनटीए ने कहा था कि प्रश्न-पत्रों को जीपीएस ट्रैकिंग वाले वाहनों के जरिए भेजा गया था। उन पर यूनिक और ट्रैसेबल वॉटरमार्क मौजूद था। परीक्षा केंद्रों की निगरानी केंद्रीय कंट्रोल रूम से एआई असिस्टेड सीसीटीवी सिस्टम के जरिए की गई। सभी अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन कराया गया और केंद्रों पर जैमर लगाए गए।
राजस्थान एसओजी ने क्या कहा था?
वहीं, राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने कहा था कि जांच फिलहाल उस गेस पेपर पर केंद्रित है, जिसे परीक्षा से पहले छात्रों के बीच बांटे जाने का आरोप है। गेस पेपर में करीब 410 सवाल थे। आरोप है कि इनमें से लगभग 120 सवाल केमिस्ट्री में पूछे गए। बताया जा रहा है कि यह गेस पेपर परीक्षा से काफी पहले छात्रों के बीच बंट रहा था। यह 15 दिन से लेकर एक महीने पहले तक छात्रों तक पहुंच चुका था।
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Author: Jai Lok






