
जबलपुर (जयलोक)। मध्य प्रदेश में राज्यसभा की तीनों सीटों के चुनाव को लेकर इस बार बड़े रोमांचकारी मोड़ आए हैं। मीनाक्षी नटराजन की कुंडली खंगालने का काम भारतीय जनता पार्टी ने उसी दिन से शुरू कर दिया था जिस दिन से उनके नाम का कांग्रेस की ओर से ऐलान किया गया था। इस बात की चर्चा भाजपा के अंदरखाने सरगर्म है कि राज्यसभा चुनाव की प्रक्रिया में और प्रतिद्वंदी की खामियां उजागर करने का जिम्मा जबलपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को दिया गया था या यह कहें कि उन्हें इस पूरे मामले में भाजपा ने अपनी तीसरी आंख बनाया था।

भारतीय जनता पार्टी ने पहले तो सिर्फ दो ही सीटों पर चुनाव लडऩे का ऐलान किया था लेकिन तीसरे उम्मीदवार की जीतने की संभावनाएं बनती देख भारतीय जनता पार्टी ने तीसरे उम्मीदवार महेश केवट को मैदान में उतार दिया। महेश केवट भाजपा के बड़े भाग्यशाली तीसरे उम्मीदवार रहे जिनकी विरोधी कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द हो गया।मीनाक्षी नटराजन के नामांकन पत्र को चुनौती देने के लिए भारतीय जनता पार्टी की ओर से उनसे जुड़े आपराधिक मामलों की गंभीरता से खोजबीन की गई। यह कहा गया कि मीनाक्षी नटराजन के तेलंगाना में दर्ज तथाकथित अपराधिक मामले को छुपाया गया इस तरह का आरोप भारतीय जनता पार्टी की ओर से निर्वाचन अधिकारी के सामने लगाया गया और प्रमाण भी सौंपे गए।

कांग्रेस ने इसे सिर्फ नोटिस बताया और कहा कि एफआईआर नहीं हुई। कल जब मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हुआ तब भारतीय जनता पार्टी की ओर से मीडिया से बात करने का जिम्मा भी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह को दिया गया। तब मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया को बताया कि कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का फॉर्म अपूर्ण था। उन्होंने अपने फार्म के साथ जानकारियां गलत दी थीं और उन सभी आधारों पर पर्याप्त अवसर दोनों पक्षों को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिया गया और दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि मीनाक्षी नटराजन के फार्म में गंभीर त्रुटियां थीं। तेलंगाना में दर्ज उनके मामले को जानबूझकर छुपाया गया इस आधार पर ही रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका फार्म रद्द किया। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का फार्म रद्द होना सत्य और सच्चाई की जीत हुई है।


जज से भाजपा नेता बने रोहित आर्या भी रहे सक्रिय
हाई कोर्ट में जज रहे जबलपुर के रोहित आर्या सेवानिवृत्ति के बाद भाजपा के नेता बन चुके हैं। कल राज्यसभा के रिटर्निंग ऑफिसर के सामने भाजपा की ओर से मीनाक्षी नटराजन के प्रकरण में हाई कोर्ट के पूर्व जज रोहित आर्या को रिटर्निंग ऑफिसर के सामने आपत्तियां पेश करने की जिम्मेवारी सौंपी गई। रोहित आर्या तर्क देते रहे और वे सुप्रीम कोर्ट के फैसलों की जानकारी भी रिटर्निंग ऑफिसर को देते रहे।
विनोद गोंटिया भी लड़ चुके हैं तीसरी सीट पर चुनाव
राज्यसभा के चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी तीसरी सीट के लिए पहली बार चुनाव नहीं लड़ रही है। भारतीय जनता पार्टी एक बार पहले भी तीसरी सीट के लिए चुनाव लड़ चुकी है। तब तीसरी सीट के लिए भाजपा ने जबलपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद गोंटिया को उम्मीदवार बनाया था लेकिन वे चुनाव हार गए थे।
Author: Jai Lok






