
पत्रकारिता के नाम पर जमकर आतंक मचा रहे ब्लैकमेलिंग गैंग के लोग , प्रशासन भी परेशान
जबलपुर (जयलोक)। पूर्व विधायक और मंत्री हरेन्द्र जीत सिंह बब्बू और खुद को पत्रकार बताने वाले समर्थ तिवारी के बीच हुई फोन पर बातचीत की असलियत जानने पुलिस पूछताछ कर रही है। जहां एक ओर हरेन्द्र जीत सिंह बब्बू ने फोन पर जान से मारने की धमकी मिलने का आरोप लगाया था तो वहीं जिस पर यह आरोप लगे हैं वह समर्थ तिवारी खुद को पत्रकार बता रहा है। समर्थ ने पुलिस को बताया कि उसने बब्बू को जान से मारने की धमकी नहीं दी थी बल्कि एक पुराने मामले में जो बाईट हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू ने दी थी उस संबंध में फोन पर चर्चा की थी। दोनों के बयानों में मिली भिन्नता से पुलिस भी परेशान है और अब मामले की जाँच कर रही है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद पूर्व मंत्री और तथाकथित पत्रकार के बीच मामले की क्या सच्चाई है यह पुलिस पता लगा रही है। लेकिन पूर्व मंत्री की शिकायत के बाद यह चर्चा फिर जोर पकड़ रही है कि शहर में फर्जी पत्रकारों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। इनकी हरकतों से व्यापारी , नेता और यहां तक कि प्रशासनिक अधिकारी भी बहुत परेशान हैं।

यह था मामला
– हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू ने कुछ दिनों पूर्व गोरखपुर पुलिस को बताया कि वे कार से गोरखपुर की ओर जा रहे थे। कटंगा क्षेत्र के पास उनके मोबाईल पर एक अज्ञात नम्बर से फोन आया। फोन उठाते ही काल करने वाले ने कहा कि तुम जैसे आदमी को गोली मार दी जानी चाहिए और जान से मारने की धमकी दी। श्री बब्बू ने इस मामले में कहा कि तीन माह में दूसरी बार यह धमकी मिली है। 11 मार्च को भी एक मोबाईल नंबर से कोई कॉल करके उन्हें धमकी दे रहा था।
कल समर्थ की हुई गिरफ्तारी- इस मामले में कल गोरखपुर पुलिस ने समर्थ तिवारी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने स्वयं को पत्रकार बताते हुए कार्रवाही का विरोध किया। समर्थ की गिरफ्तारी होने के बाद कुछ लोग उसके समर्थन में थाने भी पहुँचे। लेकिन पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाही करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।


इनका कहना है
हरेन्द्रजीत सिंह बब्बू को धमकी देने वाले समर्थ तिवारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी खुद को पत्रकार बता रहा था और उसका कहना है कि उसने धमकी नहीं दी बल्कि वह एक मामले में फोन पर बात कर रहा था।
नितिन कमल,
थाना प्रभारी
Author: Jai Lok






