
19 जून को औपचारिक डील, ईरान को 28 लाख करोड़ रुपए हर्जाना दे सकता है अमेरिका
तेल अवीव/तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका-ईरान समझौता पूरा हो चुका है और इस पर गत दिवस स्विट्जरलैंड के जेनेवा में औपचारिक हस्ताक्षर होंगे। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी डेलिगेशन की अगुआई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे।
जानकारी अनुसार एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ट्रम्प, जेडी वेंस और ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ डिजिटल रूप से समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। हालांकि, समझौते का पूरा मसौदा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। ट्रम्प ने कहा कि दस्तावेज शुक्रवार के बाद जारी किया जाएगा।
जानकारी अनुसार दावा किया गया है कि दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट वाला एक शुरुआती मसौदा तैयार हुआ है, जिस पर आगे तकनीकी स्तर की बातचीत होगी। वहीं कुछ रिपोर्टों के मुताबिक ईरान को आर्थिक सहायता के लिए करीब 28 लाख करोड़ रुपए का पैकेज मिल सकता है, हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ईरान शर्तें पूरी करे तभी राहत मिलेगी
अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि ईरान को प्रतिबंधों से राहत तभी मिलेगी, जब वह समझौते की सभी शर्तों का पालन करेगा। अमेरिका ने फिलहाल किसी भी तत्काल आर्थिक राहत से इनकार किया है।
इजराइल ने डील से किनारा
कियाइजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन ग्वीर ने कहा कि यह ट्रम्प की डील है और इजराइल इससे बंधा नहीं है। वहीं रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी साफ किया कि दक्षिणी लेबनान से सेना नहीं हटेगी।
मैक्रों ने यूरेनियम पर शर्त रखी
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडार को निष्क्रिय कर आईएईए की निगरानी में रखा जाना चाहिए, ताकि उसका इस्तेमाल परमाणु हथियारों के लिए न हो सके।

ईरान ने समझौते को अपनी जीत बताया-ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अमेरिका के साथ हुए समझौते को ‘जीत का दस्तावेज’ बताया। उन्होंने कहा कि इजराइल की नाराजगी ही साबित करती है कि बातचीत में ईरान मजबूत स्थिति में रहा।
दुनियाभर के देशों ने समझौते का स्वागत किया-यूएई, कुवैत, स्विट्जरलैंड, कतर और पाकिस्तान समेत कई देशों ने अमेरिका-ईरान समझौते को क्षेत्रीय शांति और स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए प्रारंभिक समझौते से ट्रम्प सरकार के भीतर मतभेद पैदा हो गया है। एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, सीआईए चीफ जॉन रैटक्लिफ को शक है कि ईरान समझौते में किए गए सभी वादे निभाएगा या नहीं।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भी मानना है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर वे कदम उठाने के लिए तैयार नहीं है, जिनकी अमेरिका उम्मीद कर रहा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने भी समझौते को लेकर चिंता जताई थी। वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर समझौते को आगे बढ़ाने के पक्ष में थे।


Author: Jai Lok






