
पनामा और स्वेज नहर से गुजऱने के लिए जहाज़ों को चुकानी पड़ती है बड़ी रकम
नई दिल्ली (जयलोक)। होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर भारी मात्रा में कच्चे तेल, परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों और तरलीकृत प्राकृतिक गैस का परिवहन होता है। इस जलमार्ग में होने वाला कोई भी व्यवधान दुनिया भर के ऊर्जा बाजारों को प्रभावित करता है। अब महीनों से चले आ रहे अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद जब यह जलमार्ग फिर से खुलने जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि होर्मुज स्थायी रूप से टोल-फ्री रहेगा। दूसरी ओर ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वाणिज्यिक जहाजों को अभी भी पारगमन के दौरान दी जाने वाली सेवाओं से जुड़े भुगतान करने की जरुरत हो सकती है। इसमें बहुत कुछ दांव पर लगा है। दुनिया भर में होने वाले पेट्रोलियम शिपमेंट का लगभग पांचवां हिस्सा और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (एलएनजी) के निर्यात का करीब एक-चौथाई हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुए एक समझौते में युद्ध खत्म करने और जलमार्ग को फिर से खोलने की शर्तें तय की गई हैं। इसका असर फ़ाइनेंशियल मार्केट पर दिखा। तेल की कीमतों में गिरावट आई क्योंकि ट्रेडर्स को उम्मीद थी कि खाड़ी देशों से एनर्जी की सप्लाई फिर से शुरू हो जाएगी। ट्रंप ने घोषणा की कि होर्मुज़ फिर से खुल जाएगा और वहां से गुजऱने के लिए कोई टोल नहीं देना होगा। उनके बयानों का मकसद मार्केट को भरोसा दिलाना और महीनों की अस्थिरता के बाद समुद्री कामकाज के सामान्य होने का संकेत देना था।
Author: Jai Lok






