
क्लारेन्स हत्याकांड के फरार ईनामी मुख्य आरोपी और नाबालिग सहयोगी को पकडऩे का दावा कर रही रांझी पुलिस
जबलपुर (जयलोक)।रांझी थाना क्षेत्र के अंतर्गत 23 अप्रैल को सिविल इंजीनियर क्लारेन्स एटकीन्स की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के तत्काल बाद वारदात में सहयोग करने वाले सह-आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि घटना का मुख्य आरोपी प्रिंस नेल्सन उसका पिता बाबा नेल्सन,अपने नाबालिक साथी के साथ फरार हो गया था। इस घटनाक्रम में नया मोड़ तब आया जब फरार हो चुके हैं नामी अपराधियों को पकड़ पाने में रांझी पुलिस क्राइम ब्रांच किसी को सफलता नहीं मिल रही थी इसी बीच यह खबर आई कि इस मामले में सूटर की भूमिका निभाने वाले बाबा नेल्सन के लडक़े प्रिंस नेल्सन और उसके नाबालिग 16 साल के साथ ही ने एक बड़े हाई प्रोफाइल राजनीतिक हस्तक्षेप के घटनाक्रम के बाद एक सीएसपी कार्यालय में आत्म समर्पण कर दिया। यह आत्मसमर्पण पूर्व नियोजित योजना का हिस्सा था लेकिन लगभग डेढ़ महीने से फरार चल रहे आरोपियों को पकडऩे में असफल रही रांझी पुलिस ने इसे अपनी सफलता करार देते हुए श्रेय लेने की पूरी कोशिश की और इन आरोपियों की गिरफ्तारी का ढिंढोरा पीट दिया है। इस प्रकार के झूठी और नकली वाहवाही लूटने से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय स्वयं को हमेशा ही दूर रखते हैं। शायद इसलिए ही इतने बड़े मामले के मुख्य आरोपी जिन्होंने सनसनीखेज तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम दिया था उसकी पत्र वार्ता होने के बजाय सामान्य रूप से आरोपियों की गिरफ्तारी की प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी गई। आरोपियों के संबंध में सूचनाओं की सुगभुगाहट दो दिनों से चल रही है।विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि उक्त हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता प्रिंस नेल्सन का पिता बाबा नेल्सन उर्फ विकास नेल्सन है, जिसने अपने पुत्र प्रिंस नेल्सन एवं उसके अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। जांच में प्रिंस नेल्सन के तीन अन्य साथियों की भी संलिप्तता सामने आई है। उक्त प्रकरण में हत्या के बाद आरोपी तेजबल उर्फ अरुण रैकवार उम्र 20 वर्ष निवासी सुआतला नरसिंहपुर हाल अनमोल वाटिका थाना माढोताल तथा मोहित ठाकुर उम्र 20 वर्ष निवासी वर्धा हाउस पुल न. 02 थाना कैंट को गिरफ्तार कर लिया था।

10000 से बढक़र 20000 कर दिया था इनाम-
आरोपी प्रिंस नेल्सन एवं विकास उर्फ बाबा उर्फ रिंकू नेलसन तथा एक अन्य घटना के बाद से फरार थे जिनकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक द्वारा दस-दस हजार रूपये का ईनाम उद्घाषित किया गया था। पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर बाद में उप महानिरीक्षक अतुल सिंह द्वारा गिरफ्तारी पर इनाम की राशि बढ़ाकर बीस-बीस हजार रूपये कर दी गई थी। पुलिस के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि कल 18 जून को आरोपियों को गोरखपुर क्षेत्र स्थित ईसाई कॉलोनी के पास से अभिरक्षा में लिया गया, जिनसे पूछताछ करते हुये कब्जे से घटना में प्रयुक्त एक देशी पिस्टल, दो कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल जप्त की गयी। गिरफ्तार आरोपी प्रिंस नेल्सन उर्फ आशीष को न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि नाबालिग बालक को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जा रहा है घटना का मास्टरमाइंड और शूटर प्रिंस का पिता जो की मुख्य साजिशकर्ता बाबा उर्फ़ विकास नेलसन अभी भी फरार है जिसकी तलाश की जा रही है । इस पूरे घटनाक्रम में राजनीतिक हस्तक्षेप के माध्यम से आरोपियों को संरक्षण के छाते के अंतर्गत पेश करने की पूरी कहानी एक जिम से प्रारंभ होने की जानकारी भी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के कानों तक पहुंची है। फिर प्रभावशील व्यक्तियों को शामिल कर कहने का सरेंडर और दिखाने की गिरफ्तारी का खेल खेला गया। यह सब किसके कहने पर और किसको लाभ पहुँचाने की नियत से किया गया है यह चर्चाओं का सबसे बड़ा सवाल है। क्या यह सब कुछ आरोपियों को कोर्ट में संदेह का लाभ दिलाने के लिए किया गया या फिर उनके संरक्षक पहले से ही जांच बिंदुओं को प्रभावित करना चाह रहे हैं। फिलहाल पूरा घटनाक्रम पर चाचाओं का बाजार गर्म है।

Author: Jai Lok






