
एक्शन लगभग तय, दोनों को पद से हटाने की तैयारी
अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के हाई-प्रोफाइल मामले में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की जांच अब अपने अंतिम चरण में है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र पर कार्रवाई की तलवार लटकती नजर आ रही है। एक्शन लगभग तय है और दोनों को उनके पद से हटाया जा सकता है। छठे दिन की जांच पूरी करने के बाद एसआईटी आज लखनऊ लौटेगी और सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपेगी। बता दें यह मामला सबसे पहले समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने 7 जून को उठाया था, जिन्होंने राम मंदिर से 5 से 7.5 करोड़ रुपए की चोरी का दावा किया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी सरकार की चुप्पी को संदिग्ध बताते हुए कोर्ट को इस मामले पर ध्यान देने की बात कही थी। शुरुआत में चंपत राय ने चोरी के आरोपों को खारिज कर दिया था। विवाद बढऩे पर भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की, जिसके बाद 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट तलब की थी।
30 लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय- जांच में अब तक कुल 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से कम से कम 30 लोगों पर कार्रवाई के आसार हैं। जिन व्यक्तियों से टीम पूछताछ कर चुकी है, उन्हें अगले आदेश तक कहीं भी बाहर न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है। ट्रस्ट से जुड़े निर्माण प्रभारी गोपाल राव को उनके पद से हटाया जा सकता है।
Author: Jai Lok






