
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी गुट ने दावा किया है कि पार्टी के 60 विधायकों ने एक विशेष अधिवेशन बुलाकर ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटा दिया है। बागी नेताओं ने यह भी घोषणा की कि अभिषेक बनर्जी को ऑल इंडिया जनरल सेक्रेटरी के पद से निलंबित कर दिया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, न्यूटाउन में आयोजित बैठक में टीएमसी के 60 विधायक, कई पूर्व विधायक, जिला अध्यक्ष और बड़ी संख्या में पूर्व पार्षद शामिल हुए। बैठक के बाद बागी गुट ने अरूप रॉय को नया राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया और 30 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन का ऐलान किया। नई कार्यकारिणी में संदीपन साहा, जावेद खान और रिताब्रत बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
वहीं फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और रथिन घोष को उपाध्यक्ष बनाया गया है। बागी नेताओं का कहना है कि उन्होंने पार्टी संविधान के तहत यह फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि बागी गुट अब पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ टीएमसी के बैंक खातों और अन्य संसाधनों पर दावा करने के लिए कानूनी सलाह भी ले रहा है। इससे पार्टी के भीतर जारी सत्ता संघर्ष और गहरा सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह टीएमसी के इतिहास का सबसे बड़ा आंतरिक संकट है। पिछले कुछ सप्ताहों से पार्टी में असंतोष और बगावत की खबरें लगातार सामने आ रही थीं, जिसके बाद यह घटनाक्रम सामने आया है।
मध्यप्रदेश में तबादलों पर घमासान, मंत्रियों की चली या सिस्टम की?
Author: Jai Lok






