
संतोष दुबे ने एसआईटी को सौंपे सबूत
अयोध्या। राम मंदिर निर्माण से जुड़े दान चोरी के गंभीर आरोपों के बीच, धर्मसेना प्रमुख और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरे संतोष दुबे ने अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संजय सिंह के आरोपों के बाद, संतोष दुबे ने भी जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) को चंपत राय के खिलाफ 75 से अधिक पन्नों के दस्तावेजी साक्ष्य सौंपे हैं। ये सबूत सीओ सिटी श्रेयस त्रिपाठी के माध्यम से एसआईटी तक पहुँचाए गए। जानकारी के अनुसार, रविवार रात एसआईटी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संतोष दुबे से पूछताछ की थी और सोमवार दोपहर तक साक्ष्य जमा कराने को कहा था।
संतोष दुबे ने मीडिया को बताया कि उनके द्वारा सौंपे गए कागजात में चंपत राय द्वारा कथित तौर पर खरीदी गई जमीनों और गायब हुई मूर्तियों का रिकॉर्ड भी शामिल है। उन्होंने दावा किया कि एसआईटी की जांच से कुछ सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद है और दोषी जल्द ही जेल जाएंगे।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि उन्होंने आठ प्रमुख बिंदुओं पर दस्तावेजी साक्ष्य और विभिन्न लोगों के सार्वजनिक बयानों को जांच में शामिल करने का अनुरोध किया है। कई यूट्यूब चैनलों और मीडिया प्लेटफॉर्म पर संबंधित व्यक्तियों द्वारा दिए गए बयानों की भी गहन जांच होनी चाहिए। संतोष दुबे ने यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने 16 और 19 जून 2026 को संबंधित अधिकारियों और 21 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय को भी शिकायतें भेजी थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने ट्रस्ट को भंग करने की मांग करते हुए कहा कि कथित अनियमितताओं के कारण जनता का भरोसा कम हुआ है और इसलिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि नए ट्रस्ट में मंदिर आंदोलन के शहीद कारसेवकों के परिजनों और कम से कम एक सूर्यवंशी क्षत्रिय प्रतिनिधि को भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, क्योंकि भगवान श्रीराम सूर्यवंशी थे।
Author: Jai Lok






