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शिक्षा अधिकारी के रूप में दिए परिणामों और कार्य दक्षता से संयुक्त संचालक के पात्र अधिकारी बने घनश्याम सोनी, 5 सालों का उल्लेखनीय रहा है कार्यकाल : शिक्षा,सुशासन, नवाचार के साथ की कई नई पहल

परितोष वर्मा

जबलपुर जय लोक,। वर्तमान में संयुक्त संचालक लोक शिक्षण जबलपुर संभाग बने घनश्याम सोनी स्कूल शिक्षा विभाग जबलपुर के जिला शिक्षा अधिकारी के रूप में 5 वर्षों से अधिक का कार्यकाल पूर्ण कर इसको कई मायनों में यादगार बना दिया है। पहला तो यह कि इतने अधिक समय तक जिला शिक्षा अधिकारी पद पर पहली बार कोई अधिकारी इतना लम्बा कार्यकाल पूर्ण कर पाया है । दूसरा श्री सोनी के कार्यकाल के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, सुशासन, पारदर्शिता तथा विधार्थियों और शिक्षकों से जुड़े उनके हित के कार्यों के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके नेतृत्व में न केवल शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, बल्कि अनेक ऐसे अभिनव प्रयास किए गए, जिन्होंने जबलपुर जिले को प्रदेश में एक विशिष्ट पहचान दिलाई।

कोरोना काल में भी जारी रही शिक्षा, परीक्षा परिणामों में आया सुधार –

कोरोना महामारी जैसे चुनौतीपूर्ण दौर में श्री सोनी ने शिक्षा व्यवस्था को बाधित नहीं होने दिया। मोहल्ला कक्षाओं का संचालन, दीक्षा एप के माध्यम से ऑनलाइन प्रशिक्षण की सतत समीक्षा, विद्यार्थियों की नियमित शैक्षणिक मॉनिटरिंग तथा वैक्सीनेशन अभियान को जारी रखा। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रत्येक विद्यालय समय पर संचालित हो इस बात पर विशेष बल दिया । विद्यालयों का नियमित औचक निरीक्षण कर शिक्षकों को शैक्षणिक मार्गदर्शन प्रदान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप जिले के परीक्षा परिणामों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। उनके कार्यकाल में अशासकीय विद्यालयों की फीस, गणवेश एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के हित में प्रभावी निर्णय लिए गए। निजी विद्यालयों पर नियमानुसार की गई कार्यवाहियों की व्यापक स्तर पर सराहना हुई तथा शिक्षा व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता स्थापित हुई। माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षाओं का संचालन पूर्ण निष्पक्षता, पारदर्शिता और शांतिपूर्ण एवं निर्विवाद रूप से सम्पन्न करवाना प्राथमिक कार्य था।
विभागीय कार्यों को भी दी गति- श्री सोनी ने शैक्षणिक कार्यों को जहाँ प्राथमिकता में रखा वहीँ विभाग से सम्बंधित न्यायालयीन प्रकरणों के मिशन मोड में निराकरण, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं टी.एल. प्रकरणों का समयबद्ध समाधान तथा जनसुनवाई के माध्यम से आम नागरिकों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण में भी अपनी कार्य दक्षता का परिचय दिया। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न शैक्षणिक एवं खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन कर जबलपुर जिले को नई पहचान दिलाई गई। देशभर से आए प्रतिभागियों ने व्यवस्थाओं की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। सांदीपनि विद्यालयों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने, भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए गए। शिक्षक हितों को प्राथमिकता देते हुए पदोन्नति, उच्च पद प्रभार, क्रमोन्नति, वरिष्ठता सूची, सेवा पुस्तिका अद्यतन, स्थानांतरण, अनुकम्पा नियुक्ति सहित विभिन्न सेवा संबंधी प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया गया। इससे हजारों शिक्षकों एवं कर्मचारियों को समय पर लाभ प्राप्त हुआ।

डिजिटल शिक्षण में की प्रगति।पुस्तक मेले की शुरुआत-

सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जिले ने उल्लेखनीय प्रगति की। शासकीय विद्यालयों में आईसीटी लैब, इंटरैक्टिव पैनल तथा डिजिटल शिक्षण संसाधनों का विस्तार कर आधुनिक शिक्षा को नई दिशा प्रदान की गई। विद्यालयों में बंद पड़ी साहित्यिक,सांस्कृतिक, विज्ञान गतिविधियों को पुन: स्थापित कर राष्ट्रीय स्तर पर विद्यालयों को स्थापित किया। तत्कालीन कलेक्टर दीपक सक्सेना के नेतृत्व में श्री सोनी के कार्यकाल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में प्रदेश का पहला जिला स्तरीय पुस्तक मेला भी शामिल रहा। जबलपुर में प्रारंभ किए गए इस अभिनव आयोजन ने विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को एक ही स्थान पर प्रतिस्पर्धात्मक एवं उचित मूल्य पर पाठ्यपुस्तकें, स्टेशनरी एवं अन्य शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने का अवसर प्रदान किया। लगातार तीन वर्ष से जिला स्तरीय पुस्तक मेले का सफल आयोजन हो रहा है । इस मॉडल की सफलता के पश्चात पुस्तक मेला की अवधारणा को प्रदेश के अन्य जिलों में भी अपनाया गया। इसी पहल के अंतर्गत बुक बैंक योजना की स्थापना की गई, जिसके माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को नाममात्र के शुल्क पर पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाने लगीं। इस योजना ने हजारों विद्यार्थियों की शिक्षा को सरल एवं सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण और नैतिक शिक्षा पर भी जोर

श्री सोनी ने जिला शिक्षा अधिकारी रहते हुए शिक्षा को केवल परीक्षा तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया । विद्यालयों में नैतिक शिक्षा की शुरुआत जबलपुर जिले से प्रभावी रूप में की गई। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में स्वामीनारायण मंदिर संस्थान द्वारा संचालित चलो बनें आदर्श कार्यक्रम का शुभारंभ भी जबलपुर से हुआ। वर्तमान में इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालयों में नैतिक, सांस्कृतिक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियों का नियमित प्रसारण किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं संस्कारों का विकास हो रहा है।समग्र शिक्षा अभियान, छात्रवृत्ति, पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश वितरण, छात्र नामांकन, ड्रॉपआउट विद्यार्थियों की पुनर्वापसी, विद्यालय विकास, खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी जबलपुर जिला निरंतर अग्रणी रहा। शिक्षक दिवस 5 सितंबर को प्रत्येक संकुल से श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान का प्रारंभ, गुरु पूर्णिमा में शिक्षकों के सम्मान का कार्यक्रम भी शिक्षकों की गरिमा बढऩे वाले रहे है।

10 बोर्ड की छात्रा का भविष्य बचाने की अनूठी घटना

एक बार एक स्कूल छात्रा का चयन भारतीय बास्केटबॉल कैम्प के लिये हुआ। उसी दौरान छात्रा की दसवी बोर्ड परीक्षा होनी थी। श्री सोनी ने छात्रा को कैम्प भेजा एवं वरिष्ठ कार्यालय में सम्पर्क कर उच्च प्रयास कर सप्लीमेंट्री परीक्षा के दौरान छात्रा को मुख्य परीक्षा दिलवाकर उसका सत्र खऱाब होने से बचाया,छात्रा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुई। खेलकूद के प्रति रुचि बढ़ाने हेतु विद्यालय में इंडोर स्टेडियम,बास्केटबॉल कोर्ट,बॉक्सिंग रिंग आदि का निर्माण भी कराया।उनके कार्यकाल में विद्यार्थीयों ने खेलकूद में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में परचम लहराया।यह कार्य उनका अपने विद्यार्थियों के प्रति प्रेम एवं कर्तव्य को दर्शाता है।
श्री सोनी की कार्यशैली में अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारियों के शारीरिक, मानसिक ,आर्थिक पक्षों को भी ध्यान में रखा जाता है। ताकि कर्मचारी पारिवारिक कर्तव्यों के साथ साथ संस्था की जिम्मेदारियों को निभा सके और शिक्षा और विभाग के क्षेत्र से जुड़े अपने दायित्वों का भी पूर्ण निर्वहन कर सकें। यही वजह रही की शासन ने श्री सोनी द्वारा दिए गए परिणामों और उनकी कार्य दक्षता को देखते हुए उन्हें संयुक्त संचालक के पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौपी है।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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