
धनवंतरि नगर का वो मामला जब 55 दिन बाद टुकड़ों में मिली थी लाश
जबलपुर (जयलोक)। जिले में पदस्थ तीन उप निरीक्षकों को कल पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह ने फीता बदलकर निरीक्षक पद के तीन सितारे उनके वर्दी में सुशोभित किये। कंट्रोल रूम प्रभारी उपनिरीक्षक सतीश झरिया, लॉर्डगंज थाने में तैनात रहे उपनिरीक्षक राहुल बघेल और उपनिरीक्षक चंद्रकांत झा को पदोन्नति दी गई है।
कंट्रोल रूम प्रभारी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे सतीश झरिया जिले के उन चुनिंदा पुलिस अधिकारियों में गिने जाते हैं जो अपनी दक्ष विवेचक की छवि रखते हैं। ऐसा इसलिए है कि उनके पिछले रिकॉर्ड को देखते हुए कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं जिनमें जटिल से जटिल अपराध यहां तक कि अंधी हत्या जैसे मामलों में भी संलिप्त पाए गए आरोपियों को आजीवन कारावास जैसे कठोर दंड न्यायालय के माध्यम से दिलवाए गए हैं।ओमती थाना, धनवंतरी नगर थाना रांझी थाना, सहित जहां-जहां उप निरीक्षक के रूप में सतीश झरिया पदस्थ रहे हैं और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर जिन अपराधों में उन्हें विवेचक बनाया गया उनमें से अधिकांश मामलों में उन्होंने दोषी पाए गए आरोपियों को न्यायालय से सजा दिलवाने में अहम भूमिका निभाई है।

जब हत्यारे ने कर ली थी आत्महत्या
धनवंतरी नगर थाना अंतर्गत पदस्थापना के दौरान एक बहुत ही जघन्य अपराध घटित हुआ था जिसमें गोटेगांव के रहने वाले एक युवक की हत्या कर आरी के माध्यम से उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर काटा गया और धनवंतरी नगर क्षेत्र के एक नाले में पॉलिथीन में अलग-अलग हिस्से बांधकर फेंक दिए गए। इस प्रकरण में जाँच अधिकारी बनाए गए सतीश झरिया ने जब सीसीटीवी फुटेज का बार-बार बारीकी से अध्ययन किया तो उन्हें आरोपी के एक सहयोगी की भूमिका संदिग्ध नजर आई। पुलिस ने संदिग्ध से पूछताछ की। इसी बीच मुख्य आरोपी को यह अंदाजा लग गया कि पुलिस उस तक पहुँच चुकी है तो उसने पहले ही आत्मगिलानीवश आत्महत्या कर ली।

जब करवाना पड़ा डीएनए टेस्ट, हुई आजीवन कारावास की सजा –
ऐसा ही एक मामला रांझी थाना क्षेत्र में घटित हुआ जहां ग्वारीघाट के एक युवक को मारकर जंगल में फेंक दिया गया और उसकी लाश को जला दिया गया। अंधी हत्या के खुलासे के लिए जो जाँच दल बनाया गया उसमें एसआई झरिया भी शामिल थे। गौरी घाट थाना क्षेत्र में उक्त व्यक्ति के गुम इंसान होने की सूचना दर्ज थी। लाश के साथ मिली वस्तुओं और गुम इंसान का ब्यौरा पाए जाने पर उसके परिजनों को बुलाया गया और पहचान को पुख्ता रूप से स्थापित करने के लिए मृतक का परिजनों के साथ डीएनए टेस्ट भी करवाया गया। एसआई झारिया ने जाँच को आगे बढ़ाया तो पति-पत्नी और पत्नी के भाई के द्वारा मृतक की अवैध संबंध के कारण हत्या करने की बात सामने आई। इन तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा हुई।


फर्जी जेडीए अध्यक्ष को पकड़ा, दिलवाई 5 साल की सजा
ओमती थाने में पदस्थापना के दौरान एक मामला ऐसा आया जब अब्दुल महमूद रंगरेज नामक व्यक्ति फर्जी दस्तावेज बनाकर खुद को जेडीए अध्यक्ष बताते हुए कार्यालय पहुँच गया और धौंस दिखाते हुए अपने लिए अलग से चैंम्बर खोलने की माँग करने लगा। पुलिस ने 420 का मामला दर्ज किया। सतीश झाारिया विवेचक बने न्यायालय से आरोपी को पाँच साल की सजा हुई।
स्मार्ट सिटी के संचालक अमित खरे को हुई थी दो साल की सजा
धनवंतरी नगर में रहते हुए एक बहुचर्चित वेदिका ठाकुर हत्याकांड के हाई प्रोफाईल आरोपी प्रियांक विश्वकर्मा के मामले में भी वरिष्ठ अधिकारियों ने इस गंभीर मामले की विवेचना का जिम्मा एसआई झारिया को सौंपा। उक्त मामले में जाँच के दौरान आरोपी के साथ मिलकर साक्ष्य छुपाने के लिए दोषी पाए गए स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक अमित खरे को दो साल की सजा हुई थी।
पाटन के टिमरी हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ा – पूरे प्रदेश को हिलाकर रख देने वाले पाटन क्षेत्र के टिमरी गाँव में हुए चार लोगों के नरसंहार हत्याकांड में फरार हुए आरोपियों को पकडऩे के लिए अलग अलग टीमें बनाई गईं थीं। एसआई सतीश झारिया की टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में इस मामले के सात आरोपियों को एक साथ पचमढ़ी के एक होटल से पकड़ा था।
इथेनॉल पर भ्रम फैलाने वाले सोशल मीडिया एनफ्लूएंसरों पर नागपुर में हुई एफआईआर
Author: Jai Lok






