
प्रभारी मंत्री का नाम गलत होने से कलेक्टर ने पकड़ा फर्जीवाड़ा, सस्पेंड किया
भोपाल/टीकमगढ़ (जयलोक)। टीकमगढ़ में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक स्वास्थ्य कर्मचारी ने अपना तबादला रुकवाने के लिए प्रभारी मंत्री के नाम से एक फर्जी पत्र तैयार कर सीएमएचओ को सौंप दिया। बुधवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने इस फर्जीवाड़े का खुलासा किया, जिसके बाद संबंधित कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला टीकमगढ़ जिले के स्वास्थ्य केंद्र गोर में पदस्थ एमपीडब्ल्यू (मल्टीपर्पज वर्कर) केएल बंशकार से संबंधित है। उनका तबादला स्वास्थ्य केंद्र दरगाएं किया गया था।
बंशकार ने अपना ट्रांसफर निरस्त कराने के उद्देश्य से प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर के नाम से एक फर्जी पत्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से तैयार किया। यह फर्जी पत्र स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ डॉ. ओपी अनुरागी को सौंपा गया, जिसमें ट्रांसफर आदेश रद्द करने के निर्देश थे।
सीएमएचओ ने पत्र की सत्यता जांचे बिना ही नोट शीट कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के पास भेज दी। कलेक्टर ने जब पत्र देखा तो उसमें प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर का नाम कृण्णा गौर लिखा गया, गलत नाम होने से उन्हें संदेह हुआ। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने तत्काल पत्र की जांच करवाई, जिसमें पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार, संबंधित कर्मचारी का ट्रांसफर 7 जुलाई 2026 को किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने बुधवार को कर्मचारी केएल बंशकार को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया।
Author: Jai Lok






