
जबलपुर (जय लोक)। शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही शराब तस्करी को रोकने के लिए पुलिस तस्करों को गिरफ्तार करने के साथ साथ कच्ची शराब बनाने वाले अड्डों को नष्ट कर रही है। लेकिन आज सुबह हुए एक घटनाक्रम ने पुलिसकर्मियों के ही पसीने छुड़ा दिए। तिलवारा थाना अंतर्गत कच्ची शराब के अड्डे पर छापा मारने पहुँचे पुलिसकर्मियों को ही बंधक बना लिया गया। यहां पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल पहुँचा और बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को किसी तरह छुड़ाया गया। बताया जा रहा है कि आज सुबह 7 बजे तिलवारा थाने की पुलिस योजना बनाकर ग्राम सकरी पहुंची थी। मोटर साइकिलों में सादे कपड़े पहनकर पुलिसकर्मी गाँव में घुसे। इस दौरान ग्रामीणों ने पाँच पुलिसकर्मियों को घेर लिया। पुलिसकर्मी कुछ बोल पाते उसके पहले ही ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। भीड़ बढ़ती देख तीन पुलिसकर्मी किसी तरह भाग निकले लेकिन दो आरक्षकों को ग्रामीणों ने घेर लिया। दोनों आरक्षकों ने अपना परिचय दिया लेकिन इसके बाद भी ग्रामीण उन्हें छोडऩे को तैयार नहीं थे। दो आरक्षकों को बंधक बनाए जाने की खबर मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी हरकत में आए और दोनों आरक्षकों को छुड़ाने के लिए गाँव पहुँचे जिसके बाद आरक्षकों को ग्रामीणों से आजाद कराया गया। थाना पहुँचने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों के खिलाफ मामला दर्ज किया।

कच्ची शराब के लिए बदनाम है गाँव – बताया जा रहा है कि सकरी गाँव कच्ची शराब बनाने के लिए बदनाम हैं।
यहां 80 प्रतिशत से अधिक की आबादी कच्ची शराब बनाकर अपना घर चलाती है। इससे पहले भी कच्ची शराब बनाने के अपराध में कुछ को जेल भेजा था, जो अभी तक जेल में निरुद्ध हैं। बिना लाइसेंस के अवैध या कच्ची शराब बनाकर बेचना कानूनी अपराध है।

इनका कहना है
सकरी गांव में बड़ी मात्रा में कच्ची शराब बनती है। बिना जानकारी दिए स्टॉफ गया था और सिविल कपड़े पहने थे। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों की मौके पर जाकर मदद की गई और उन्हें थाने लाया गया।
– ब्रजेश मिश्रा, थाना प्रभारी


Author: Jai Lok





