
नगर निगम के अमृत 1.0 सीवेज प्रोजेक्ट, हाई-टेक फिश मार्केट और अत्याधुनिक लॉन्ड्री क्षेत्र का लोकार्पण
वर्षा जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के लिए मियावाकी पद्धति से 100 एकड़ क्षेत्रफल में वृहद वृक्षारोपण और कैच द रैन अभियान का करेगें मुख्यमंत्री शुभारंभ
35 करोड़ से अधिक के विकास कार्यो का भी होगा भूमिपूजन

जबलपुर (जयलोक)। कल मुख्यमंत्री का जबलपुर प्रवास काफी महत्वपूर्ण होने वाला है। नगर निगम के द्वारा संचालित 400 करोड़ रुपये के कार्यों की सौगात शहर को देंगे। इसके अलावा 35 करोड़ के भूमिपूजन और 100 एकड़ के क्षेत्रफल में पौधारोपण के कार्यक्रम आयोजित होंगे।

लोकार्पण एवं विकास सौगातें


अमृत 1.0 सीवेज परियोजना लागत 362.31 करोड़- शहर को आधुनिक सैनिटेशन प्रणाली से सुदृढ करने और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने के उद्देश्य से 362.31 करोड़ की लागत से तैयार अमृत 1.0 सीवेज प्रोजेक्ट का लोकार्पण किया जाएगा। इससे शहर के बड़े हिस्से को वैज्ञानिक सीवेज प्रबंधन की सुविधा मिलेगी।
नगर निगम द्वारा जानकारी दी गई कि अमृत 1.0 सीवेज परियोजना स्वीकृत की गयी, जिसके अंतर्गत 362.31 करोड़ रूपये की लागत से 247 कि.मी. सीवर नेटवर्क बिछाने का कार्य, 89,000 घरेलू सीवर कनेक्शन, 3 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पूर्ण कराया गया है, जिससे गलियों में बहने वाले गंदे पानी से मुक्ति मिली है। कठौंदा 32 एमएलडी, ललपुर(34 एमएलडी और तेवर 29 एमएलडी में 3 अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता 95 एम.एल.डी. है।
अमृत 2.0 एवं अर्बन चैलेंज फण्ड में 100 प्रतिशत कवरेज की तैयारी- नगर निगम द्वारा बताया गया कि अमृत 1.0 की सफलता के बाद, शहर के शेष 65 प्रतिशत क्षेत्र को कवर करने के लिए म.प्र. शासन ने परियोजना स्वीकृत की है। अमृत 2.0 के तहत शहर के लगभग 55 प्रतिशत क्षेत्र में 682 कि.मी. सीवर लाइन और 11 नए एसटीपी बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया की जा रही है। 1.70 लाख घरों का सीवर लाइन से कनेक्शन का कार्य किया जायेगा, उक्त कार्य हेतू राशी रुपए 759 करोड़ रुपये स्वीकृत है, शेष 10 प्रीतिशत शहर हेतु अर्बन चैलेंज फण्ड के अंतर्गत 250 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी जा रही है।
अत्याधुनिक मत्स्य विक्रय केंद्र लागत 3 करोड़- मत्स्य विक्रेताओं और उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 3 करोड़ की लागत से नवनिर्मित अत्याधुनिक फिश मार्केट का शुभारंभ होगा। यह केंद्र स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक सुविधाओं से परिपूर्ण है, जिससे स्थानीय मत्स्य व्यापारियों को लाभ मिलेगा। यहाँ 55 व्यवसायियों को दुकानें स्थायी रुप से आवंटित की गई हैं। जिसमें पानी, चिलर, पार्किंग आदि की सुविधाएँ हैं।
रजक समुदाय हेतु अत्याधुनिक लॉन्ड्री हब-रजक समाज के पारंपरिक व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोडऩे और उनकी आजीविका को बेहतर बनाने के उद्देश्य से निर्मित हाई-टेक लॉन्ड्री क्षेत्र का भी लोकार्पण किया जाएगा। नगर पालिक निगम जबलपुर द्वारा दादा ईश्वर दास रोहणी वार्ड, सिविल लाइन क्षेत्रश् में वर्षों पुराने परंपरागत धोबी घाट का उन्नयन किया गया है। यहाँ व्यवस्थित छाया स्थल, रोड निर्माण, पानी की व्यवस्था व 02 मॉडर्न हाईपावर लॉन्ड्री मशीने स्थापित की गई हैं।इस योजना के अंतर्गत यही नहीं सरकार ने पीएम स्वनिधि योजनांतर्गत रजक समुदाय के इन 40 व्यवसायियो को 01 ही दिन में स्थल पर कैंप लगाकर 15 हजार, 25 हजार व 50 हजार रुपये के ऋण भी अपनी दुकानों को व्यवस्थित करने उपलब्ध कराये हैं।
कैच द रेन अभियान-वर्षा जल संरक्षण हेतु नगर निगम द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं सभी हैंडपंप, बोर, गार्डन आदि में रिचार्ज सोफ्ट, सोकपिट, गड्ढा, जलीय संरचनाएं आवश्यकता अनुसार बनाई जा रही है। कल मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा डुमना नेचर पार्क में रेन वाटर हार्वेस्टिंग के अंतर्गत सोकपिट बनाकर जल संरक्षण का संदेश दिया गया।
मियावाकी पद्धति से 11 लाख पौधारोपण-संस्कारधानी जबलपुर की वायु गुणवत्ता को सुधारने हेतु इस वर्षा ऋतु में लगभग 100 एकड़ क्षेत्रफल में बृहद् वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसमें लगभग 5 लाख पौधों का रोपण मियावाकी पद्धति से किया जायेगा। कल माननीय मुख्यमंत्री महोदय के कर कमलों से पौधारोपण का शुभारंभ किया जा रहा है।
इसमें उमरिया में 20 एकड़, डुमना नेचर पार्क में लगभग 15 एकड़, कठौंदा में लगभग 10 एकड़ प्रमुख स्थल हैं। इन सभी जगह स्थानीय प्रजाति के पौधे लगाए जायेंगे। उमरिया में 5 एकड़ में एक जगह सभी प्रजाति के पौधे भी रोपे जा रहे हैं ताकि पौधों की पहचान आम जनमानस को सहजता से कराई जा सके। डुमना में एक सुंदर नवग्रह वाटिका भी बनाई जा रही है।
हरित जबलपुर और पर्यावरण संरक्षण की ऐतिहासिक पहल-पर्यावरण संतुलन और जल संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कल कई बड़ी हरित पहलों का शुभारंभ किया जाएगा। संस्कारधानी को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए श्हरित जबलपुरश् अभियान की भव्य शुरुआत होगी। पर्यावरण संरक्षण के तहत जापानी मियावाकी तकनीक से 100 एकड़ विशाल क्षेत्रफल में सघन वृक्षारोपण की शुरुआत की जाएगी, जो शहर के लिए ग्रीन ऑक्सीजन का काम करेगा। भू-जल स्तर में सुधार और वर्षा जल के संरक्षण के लिए वर्षा जल संचयन अभियान का भी शुभारंभ किया जाएगा।नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा इन सभी कार्यक्रमों की भव्य तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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Author: Jai Lok





