
भाजपा ग्रामीण में पहले पदाधिकारी रहते शातिर अमित खरे ने जमाया था फर्जी और जबरिया भर्ती का खेल, खुलेंगे कई राज
जबलपुर (जयलोक)। पैसे के लेनदेन में पाँच लोगों की हाईवा से कुचलकर हत्या करने के मुख्य आरोपियों में शामिल कई बार पूर्व में भी जेल जा चुके शातिर अमित खरे के अब सारे काले कारनामें खुलते जा रहे हैं। सजायाफ्ता अपराधी डॉ. अमित खरे के क्रियाकलापों की जाँच करवाने के लिए कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के एक जाँच टीम बना दी है। उक्त जाँच टीम का नेतृत्व एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह कर रहे हैं। जाँच में विभिन्न बिंदुओं को शामिल किया गया है जिसमें संचालित हो रहे अस्पताल के दस्तावेज, अनुमति, डॉक्टरों की नियुक्ति सभी की जाँच की जाएगी। जाँच का अहम बिंदु यह भी है कि डॉक्टर अमित खरे की डिग्री के बारे में अभी तक कोई भी पुख्ता दस्तावेज सामने नहीं आए हैं। शातिर अमित खरे की डिग्री फर्जी होने के आरोप भी सच साबित होते नजर आ रहे हैं क्योंकि अभी तक उसकी कोई भी मेडिकल डिग्री सामने नहीं आई है। पहली बार में जाँच टीम को बताया गया था कि उसकी डिग्री बीएचएमएस की है। लेकिन अभी तक वह भी सामने नहीं आई है। इसके अलावा भी अन्य बिंदुओं पर जाँच दल अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

सामने आया भाजपा ग्रामीण का नियुक्ति पत्र
दूसरी ओर भाजपा का एक नियुक्ति पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है जिसमें जिला सहसंयोजक शहपुरा के पद पर शातिर डॉ. अमित खरे की नियुक्ति दर्शायी गई है। उक्त नियुक्ति पत्र में पूर्व के ग्रामीण जिला अध्यक्ष सुभाष रानू तिवारी एवं जिला संयोजक भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ ग्रामीण डॉ. नितिन दुबे के नाम नीचे दर्ज हैं। वहीं वर्तमान ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल ने स्पष्ट रूप से इंकार करते हुए कहा है कि अमित खरे वर्तमान में ग्रामीण भाजपा के किसी भी पद पर नहीं हैं।

वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि जाँच के दौरान यह बात भी सामने आई है कि पूर्व में आरोपी भाजपा ग्रामीण का पदाधिकारी रहते हुए अपने स्मार्ट सिटी अस्पताल में बाहर के मरीजों को और खासकर ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को दबाव बनाकर फर्जी और जबरिया तरीके से भर्ती करवाने का खेल जमाता था। खुद को सत्ता पक्ष का पदाधिकारी बताकर अनावश्यक रूप से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय और निजी क्षेत्र में काम करने वाले लोगों पर अपना प्रभाव बताकर अपने अस्पताल में जबरिया मरीजों को भर्ती कराने का दबाव बनाता था। यह तथ्य इसलिए भी स्थापित होते नजर आ रहा है कि कुछ समय पहले ही शातिर डॉ. अमित खरे पर अपने गुर्गों के साथ एम्बुलेंस चालकों के साथ बाहर के मरीजों को उसके अस्पताल में भर्ती ना करने की बात पर मारपीट की गई थी जिसका मामला थाने में दर्ज हुआ था।


अब प्रदेश प्रभारी के साथ वायरल हुआ फोटो
शातिर डॉ. अमित खरे इस हाईवा जघन्य हत्याकांड के बाद पूरे प्रदेश में चर्चाओं में हैं। अपराध करने से अधिक वह इसलिए चर्चाओं में है क्योंकि आए दिन उसके भाजपा के एक से एक दिग्गज नेताओं के साथ आत्मीयता भरे फोटो वायरल हो रहे हैं। यह वही फोटो हैं जो कभी अमित खरे ने अधिकारियों को चमकाने और अपना प्रभाव स्थापित करने के लिए अपने सोशल मीडिया पेज पर डाले थे। अब एक नया फोटो वायरल हुआ है जिसमें वह पूर्व सांसद एवं जबलपुर के भाजपा संगठन प्रभारी आलोक संजर और अन्य संगठन के पदाधिकारियों के साथ तस्वीर में नजर आ रहा है।
मोटा चंदा देकर बना था पदाधिकारी
भाजपा खेमे में अब इस बात की भी चर्चा जोरों पर है कि इतना शातिर अपराधी आखिर कैसे भाजपा ग्रामीण में पद पाने में सफल हो गया। जिसके पीछे यही चर्चा है कि उसने अजीवन सदस्यता निधि के रूप में पहली बार में तीन लाख रूपये और बाद में अन्य राशि भी खर्च कर यह पद पाया था। अब इसको लेकर संगठन अंदरुनी जाँच पड़ताल पर विचार कर रहा है।
इनका कहना है
वर्तमान में भाजपा ग्रामीण संगठन में अमित खरे किसी पद पर नहीं हैं। पूर्व में वह किस परिस्थितियों में शामिल था या नहीं था इस बात की जानकारी उन्हें नहीं है। राजकुमार पटेल
ग्रामीण अध्यक्ष भाजपा
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Author: Jai Lok





