
जबलपुर, (जयलोक)। विगत विधानसभा चुनाव में हार जीत के परिणाम घोषित होने के बाद बहुत सारे ऐसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे जो परिणामों को अप्रत्याशित मानते हुए एक लंबे कालखंड के लिए सार्वजनिक जीवन से दूर हो गए थे। कुछ लोगों ने वापस अपनी व्यापारिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का क्रम अपना लिया था और राजनीति से दूरी बनाकर पूर्ण कालिक समय अपने व्यापार की तरफ लगा रहे थे।
अब एक बार फिर चुनाव की आहटें महसूस की जाने लगी हैं। अगले साल नगर निगम चुनाव और फिर कुछ महीनों के अंतराल के बाद 2028 में विधानसभा चुनाव की तिथियाँ अनुमानित मानकर राजनीति के मुख्य धारा से दूरी बना चुके नेता वापस सक्रिय हो गए हैं।

जबलपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व वित्त मंत्री तरुण भनोत भी लंबे समय से सार्वजनिक राजनीतिक जीवन से दूरी बनाए हुए थे। 2023 के चुनाव परिणाम के बाद पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में पूर्ण रूप से सक्रिय भनोत परिवार की गतिविधियों में कुछ विराम आया तो यह सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।

भनोत के बनाये लोग ही उठाने लगे सवाल
सार्वजनिक कार्यक्रमों, पार्टी के कार्यक्रमों और क्षेत्रीय कार्यक्रमों में तरुण भनोत की सहभागिता की कमी को सभी ने नोटिस भी किया और राजनीतिक गलियारों में विशेष कर पश्चिम विधानसभा के कांग्रेस के नेताओं में लंबे समय तक इसकी चर्चा बनी रही। एक दौर ऐसा भी आया जब तरुण भानोत के द्वारा बनाए गए नेता जो बाद में पार्षद भी बने वे ही सोशल मीडिया पर उनकी भूमिका और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाने लगे। इस घटनाक्रम के बाद तरुण भनोत की सक्रिय और उनके राजनीतिक दृष्टिकोण की गणना की जाने लगी।


समर्थकों में था गर्म जोशी का विश्वास
पूर्व कैबिनेट मंत्री और विधायक रहे तरुण भनोत युवा कांग्रेस के समय से शहर की राजनीति में सक्रिय भूमिका में रहे हैं। नगर निगम में उनका पार्षद काल भी काफी चर्चित रहा है और बहुत सारे यादगार आंदोलन और प्रदर्शन विकास के कार्य उनके कार्यकाल में दर्ज हुए हैं। पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में अपने कार्यकाल में उन्होंने कुछ विशेष बिंदुओं पर काफी काम किया जिसमें पूरी विधानसभा को सुरक्षित बनाने के लिए बड़े स्तर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए जो सीधे अपराध और अपराधियों पर रोकथाम के लिए कारगर साबित हुए। तरुण भनोत की पुन: सक्रियता से पूर्ण रूप से आश्वत उनके समर्थकों में इस बात का पूर्ण विश्वास था कि वह जल्दी ही मैदानी राजनीति में भी दस्तक देंगे।
शहर में आयोजित हुए कांगे्रस के विगत 3 प्रमुख प्रदर्शन और कार्यक्रम के दौरान पूर्व मंत्री तरुण भनोत की सक्रियता से किसी को आश्चर्य हुआ तो कोई उत्साहित हुआ। सडक़ों पर आयोजित प्रदर्शनों में लंबे अरसे बाद प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए और अपनी तीखी भाषण शैली से सत्ता दल पर प्रहार करते नजर आए।
पश्चिम के पार्षद भी सक्रिय हो जायेंगे
तरुण भनोत की सक्रियता नजर आने के बाद राजनीतिक हलको में अपने-अपने स्तर पर इसकी चर्चाएं शुरू हुईं हैं। उनके समर्थकों में जहां एकाएक उत्सव वर्धन हुआ है वहीं जो लोग उन्हें पसंद नहीं करते उनके मुंह नाक बनने लगे हैं और सब अपने-अपने स्तर पर अपनी सोच के अनुरूप कार्य योजनाओं पर काम करने लगे हैं।
दूसरी ओर नेता प्रतिपक्ष की असफलता से त्रस्त होकर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस पार्षदों ने लंबे समय से नगर निगम के किसी भी आंदोलन और प्रदर्शन से दूरी बनाकर रखी थी। यह बात कई पूर्व के प्रदर्शनों में सामने आ चुकी है। अब नगर निगम के वरिष्ठ पार्षदों का कहना है कि तरुण भनोत के पुन: सक्रिय हो जाने से पश्चिम के कांग्रेस पार्षद भी सक्रिय हो जाएंगे।
नगर निगम घेराव आंदोलन से हुए सक्रिय
लगभग 3 सप्ताह पहले नगर कांग्रेस कमेटी के आवाहन पर नगर निगम का घेराव आंदोलन रखा गया था। इस कार्यक्रम के पूर्व शहर भर में हमेशा की तरह सभी नेताओं की फोटो को सम्मिलित करते हुए बैनर पोस्टर लगाए गए उसमें वरिष्ठता के आधार पर पूर्व मंत्री तरुण भनोत का भी फोटो सभी ने देखा लेकिन उस वक्त किसी को अंदाजा नहीं था कि वह धमाकेदार अंदाज में अपनी वापसी का आगाज करेंगे। नगर निगम धरना प्रदर्शन के दौरान तरुण भनोत ने जोरदार भाषण देकर नगर निगम को जमकर घेरा। इस आंदोलन के बाद से ही उनकी सक्रियता की सुगबुगाहट प्रारंभ हो गई थी। इसके बाद कांग्रेस नेताओं पर दर्ज हुए प्रकरण के विरोध में एसपी ऑफिस के घेराव में भी कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ में तरूण भानोत प्रमुख भूमिका में नजर आए। फिर कल दतिया की जीत के जश्न में आयोजित हुए कार्यक्रमों में उनकी सक्रिय उपस्थित ने सभी का ध्यान आकर्षित भी किया और सोशल मीडिया पर उनकी पुन: सक्रियता की चर्चाएं प्रारंभ हो गईं।
Author: Jai Lok





