
जबलपुर/मण्डला (जयलोक)। दो दिनों से हो रही बारिश से नर्मदा नदी उफान पर है। नर्मदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। जिसका असर आवागमन पर भी पड़ रहा है। डिंण्डौरी में हुई बारिश के कारण जबलपुर से डिण्डौरी को जोडऩे वाले दो पुल पूरी तरह से डूब गए हैं। जिसके कारण डिण्डौरी का जबलपुर से सडक़ मार्ग संपर्क टूट गया है। दोनों पुलों के डूबने की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन की टीम यहां पहुँची और स्थिति का जायजा लिया।
जोगी टिकिरिया स्थित अमरकंटक नेशनल हाईवे का पुल तथा डिण्डौरी के भीतर स्थित 25 फीट ऊंचा पुल जलमग्र हो गया है। बजाग, करंजिया और समनापुर ब्लॉक में जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। डिण्डौरी का जबलपुर और मंडला मार्ग पर पानी भर जाने से जिला मुख्यालय का संपर्क कट गया है।

सात परिवारों को भेजा गया रैन बसेरा
मंडला-डिंडौरी नेशनल हाईवे पर खरमेर नदी का पानी पुल के काफी ऊपर से बह रहा है, जिससे सक्का गांव के पास वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले रास्तों पर न जाने की अपील की है। नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढऩे के कारण निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। नदी किनारे खतरे के दायरे में रह रहे 7 परिवारों को सुरक्षित निकालकर रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया है।

रास्ते किए बंद
डिण्डौरी का जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते पूरी मुस्तैदी के साथ निपटा जा सके। दूर-दूर से आने वाले वाहन चालकों को भी सुरक्षित स्थानों पर ही रुकने की सख्त सलाह दी गई है क्योंकि आगे जाने वाले सारे रास्ते पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं।


प्रशासन की अपील
आगामी किसी भी बड़े खतरे को टालने और सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाए रखने के लिए पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर असाधारण मुस्तैदी दिखाई और पक्के बैरिकेड्स लगा दिए। इस मुख्य मार्ग से गुजरने वाले सभी छोटे और बड़े वाहनों को सुरक्षित वैकल्पिक रास्तों से डायवर्ट किया जा रहा है ताकि कोई भी बाढ़ के पानी की चपेट में आकर दुर्घटना का शिकार न हो सके। पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार गश्त कर रही है तथा आम जनता से अपील की जा रही है कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में उफनती हुई नदी के पास जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।
Author: Jai Lok





