
जबलपुर (जय लोक)। ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कृष्णा बरुरकर एवं राष्ट्रीय सचिव श्री विजय मेश्राम का कल नगर आगमन हुआ। इस अवसर पर आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्णा बरुरकर ने बैंक अधिकारियों की लंबे समय से लंबित मांगों और बैंकिंग उद्योग के समक्ष खड़ी चुनौतियों को लेकर संगठन के आगामी आंदोलन की रूपरेखा प्रस्तुत की।उन्होंने स्पष्ट किया कि आल इंडिया बैंक आफिसर्स एसोसिएशन बैंक अधिकारियों के हितों की रक्षा के लिए तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर एक निर्णायक लड़ाई लड़ रहा है।
भेदभावपूर्ण परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव का पुरजोर विरोध
बैंक अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि बैंकों में लागू की गई मौजूदा पीएलआई नीति विसंगतियों और भेदभाव से भरी है। सभी अधिकारियों के साथ निष्पक्ष और न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए इस भेदभावपूणज़् नीति में तत्काल सुधार जरूरी है।
5 दिवसीय बैंकिंग तत्काल लागू हो
यह भी मांग की गई है कि कार्य-जीवन संतुलन और कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए बहुप्रतीक्षित 5-दिवसीय बैंकिंग प्रणाली को बिना किसी देरी के तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए।
आईडीबीआई बैंक के निजीकरण व विदेशीकरण का विरोध
बैंक अधिकारियों द्वारा आईडीबीआई बैंक के निजीकरण और विदेशीकरण के प्रयासों का कड़ा विरोध किया जा रहा है। संगठन सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय ढांचे की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। श्री बरुरकर ने बताया कि प्रबंधन व सरकार की उदासीनता के विरोध में संगठन ने चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। इसके तहत:11 सितंबर 2026 को पूरे देश में एक दिवसीय हड़ताल की जाएगी।
मांगें पूरी न होने पर 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय देशव्यापी पूर्ण हड़ताल का आह्वान किया गया है।
प्रेस वार्ता में मध्य प्रदेश बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के चेयरमैन संजय खरे विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके साथ ही बैंक ऑफ महाराष्ट्र के महिला अधिकारी गण एवं अन्य प्रतिनिधि भी भारी संख्या में मौजूद रहे और आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया। संगठन ने आम जनता और ग्राहकों से भी अपील की है कि वे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बचाने और अधिकारियों के न्यायोचित अधिकारों के समर्थन में इस आंदोलन को समझें और सहयोग दें।

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Author: Jai Lok






