
ब्रिक्स समिट में साझा घोषणापत्र पर बनी सहमति एकतरफा युद्ध के खिलाफ सभी देश एकजुट
नई दिल्ली (जयलोक)। ब्रिक्स समूह वैश्विक मंच पर अपना प्रभाव लगातार बढ़ा रहा है, जिसका आकर्षण उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए बढ़ता जा रहा है। एक ओर जहां पाकिस्तान इस प्रभावशाली समूह में शामिल होने के लिए लगातार प्रयासरत है, वहीं दूसरी ओर भारत की मेजबानी में हुए एक सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों ने वैश्विक व्यापार में मनमाने टैरिफ और व्यापार प्रतिबंधों को लेकर कड़ी चिंता व्यक्त की है। पाकिस्तान लंबे समय से ब्रिक्स की सदस्यता पाने की कोशिश कर रहा है और उसने 2023 में औपचारिक आवेदन भी किया था। आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा पाकिस्तान अपने लिए नए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और व्यापारिक रास्ते तलाश रहा है, खासकर न्यू डेवलपमेंट बैंक जैसे संस्थानों तक पहुंच बनाकर विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष पर अपनी निर्भरता कम करने की उम्मीद में। हालांकि, ब्रिक्स में नए सदस्यों को शामिल करने का फैसला आम सहमति से होता है, और पाकिस्तान की सदस्यता की राह में भारत की सहमति एक बड़ी राजनीतिक अड़चन मानी जाती है।
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस बड़े आयोजन में ब्रिक्स देशों के नेता, उनके सहयोगी और कुछ खास मेहमान एक ही मंच पर साथ नजर आएंगे।
इस बार भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की थीम रेजिलियंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी रखी गई है। सीधे शब्दों में कहें तो थीम इंसानियत सबसे पहले की भावना से जुड़ी है।
इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंज और ईरान, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र के राष्ट्रपतियों सहित कई प्रमुख वैश्विक नेता हिस्सा ले रहे हैं।
नई दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देश एक साझा घोषणापत्र पर सहमत हो गए हैं, जिसके तहत किसी भी विशिष्ट देश का नाम लिए बिना किसी भी राष्ट्र द्वारा किए जाने वाले एकतरफा युद्ध की कड़े शब्दों में निंदा की जाएगी।
ब्रिक्स के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों ने वैश्विक वित्तीय संस्थानों में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की आवाज और हिस्सेदारी बढ़ाने की मांग की है। मुंबई और जयपुर की बैठकों के बाद जारी संयुक्त बयान में समूह ने भू-राजनीतिक तनावों के बीच आपसी आर्थिक सहयोग तथा स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को मजबूत करने पर जोर दिया है।
दिल्ली में लैंड हुआ जिनपिंग का जहाज
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ब्रिक्स समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। उनके आगमन के साथ ही शिखर सम्मेलन में भारत-चीन संबंधों पर भी नजरें टिक गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बाद में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। दोनों नेताओं के बीच होने वाली इस मुलाकात में आपसी संबंधों और साझा हितों से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पीएम मोदी और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने की बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया, जो राजनीतिक, सांस्कृतिक, व्यापार, ऊर्जा और जनसंपर्क संबंधों पर आधारित है। मोदी ने भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स में यूएई की सक्रिय और रचनात्मक भागीदारी की सराहना की। दोनों नेताओं ने ब्रिक्स के जरिए साझा हितों और प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। बैठक में द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की भी समीक्षा हुई। खास तौर पर यूएई की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी द्वारा ओडिशा में 11.5 अरब डॉलर के एकीकृत ग्रीनफील्ड एल्युमिनियम प्रोजेक्ट में निवेश की घोषणा का स्वागत किया गया। इसे भारत का सबसे बड़ा एकीकृत एल्युमिनियम निवेश बताया गया है, जिससे ओडिशा को वैश्विक एल्युमिनियम विनिर्माण केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, तकनीक और नवाचार जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। साथ ही, यूएई के नए संप्रभु निवेश फंड ल’इमाद की भूमिका से दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को और गहरा करने की उम्मीद जताई गई।
बेलारूस के विदेश मंत्री से मिले जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बेलारूस के विदेश मंत्री मैक्सिम रिजेनकोव से मुलाकात की और दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की। इस दौरान व्यापार एवं निवेश बढ़ाने, कनेक्टिविटी, पर्यटन और दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने मौजूदा क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। जयशंकर ने मैक्सिम रिजेनकोव के भारत प्रवास के सुखद रहने की कामना की।





