
तहसीलदार संघ ने पहले अवकाश के दिन बैठक ना बुलाने की रखी थी दरखास्त
जबलपुर (जयलोक)। कल शनिवार के दिन राजस्व विभाग की बैठक में बहुत से तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपस्थित नहीं हुए। यह स्थिति विरोधाभास के कारण निर्मित हुई और शासकीय स्तर पर निहित की गई बैठक में राजस्व अधिकारियों में शामिल तहसीलदार और नायब तहसीलदार नहीं पहुँचे। मामले पर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने गंभीरता से संज्ञान लिया और स्पष्टीकरण माँगा है। दूसरी ओर तहसीलदार संघ की ओर से पूर्व में अपर कलेक्टर के नाम इस बात का ज्ञापन सौंपा जा चुका है कि अवकाश के दिनों को अवकाश ही रहने दिया जाए सप्ताह भर समीक्षा बैठक आयोजित होती हैं। कई बार देर शाम तक भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चल रहे कार्यों की समीक्षा वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा कर ली जाती है। ऐसी स्थिति में अवकाश के दिन बैठक नहीं रखने की दरखास्त की गई थी।

कल शनिवार को राजस्व के प्रकरणों की समीक्षा हेतु बैठक बुलाई गई थी। लेकिन क्यों विरोधाभासी स्थिति उत्पन्न हुई यह स्पष्ट नहीं है लेकिन इस बैठक में केवल अपर कलेक्टर, संयुक्त और डिप्टी कलेक्टर ही पहुंचे। तहसीलदार और नायब तहसीलदारों ने इस बैठक से दूरी बना ली उनका कहना था कि पूर्व में अपर कलेक्टर को इस बारे में ज्ञापन भी दे चुके हैं। लेकिन उनकी इस माँग पर सुनवाई नहीं हुई।
कल शनिवार को दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई थी बैठक के मुख्य विषय राजस्व न्यायालय में नामांतरण, बटवारा के प्रकरण, सीमांकन के अलावा राजस्व मद के कार्यों की समीक्षा की जानी थी।

दूसरी ओर तहसीलदार संघ ने पूर्व में ही अपने पक्ष में इस बात को उठाया था कि वह शासन के पक्ष में कार्य करने के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा अगर किसी जरूरी विषय पर प्रदेश शासन के निर्देश पर अवकाश के दिन भी बैठक बुलाई जाती है तो वह हर बैठक में शामिल होते हैं लेकिन सामान्य प्रकरणों की समीक्षा के लिए अवकाश के दिनों में बैठक बुलाना उचित नहीं है। तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के उपस्थित न होने के कारण बैठक नहीं हो सकी लेकिन इस प्रकार के अनुपस्थित वाले आचरण से कलेक्टर राघवेंद्र सिंह नाराज हुए और उन्होंने स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश जारी किए।

इनका कहना है
बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण माँगा गया है। राजस्व अधिकारी सिविल सेवा के महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं जैसे चिकित्सकों की जवाबदारी होती है उसी प्रकार राजस्व अधिकारी भी इस प्रकार से बिना बताए अनुपस्थित नहीं हो सकते।
– राघवेंद्र सिंह, कलेक्टर जबलपुर
Author: Jai Lok






