
तीन साल में दर्ज हुआ आकंड़ा, दिल्ली तक पहुँचा मामला
भोपाल (जयलोक)। मध्यप्रदेश में नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023 से 2025 के बीच प्रदेश में 36 हजार 303 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले दर्ज हुए। इन आंकड़ों के आधार पर वर्ष 2025 में हर दिन औसतन 36 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले सामने आए। मामले को लेकर कटनी के अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से पत्राचार कर दो माह का विशेष अभियान चलाकर लापता बच्चियों की तलाश कराने की मांग की है।
अधिवक्ता की शिकायत पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश के गृह सचिव को पत्र जारी कर मामले में कार्रवाई और निवारण के निर्देश दिए हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश में 11 हजार 250 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2024 में यह संख्या बढक़र 11 हजार 907 हो गई, जबकि वर्ष 2025 में 13 हजार 146 मामले दर्ज किए गए। तीनों वर्षों का आंकड़ा जोडऩे पर यह संख्या 36 हजार 303 पहुंचती है। वर्ष 2023 में रोजाना औसतन 30 से ज्यादा, 2024 में करीब 32 और 2025 में करीब 36 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले दर्ज हुए।
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Author: Jai Lok






