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आरटीओ और पुलिस की कार्रवाही से भड़के स्कूली वैन चालक

नहीं चले स्कूली वाहन, चालक संघ ने की हड़ताल

जबलपुर (जय लोक)। पुलिस और आरटीओ की कार्रवाही से घबराए स्कूली वेन चालकों ने आज कलेक्टे्रट कार्यालय पहुँचकर अपना दर्द बयां किया। आरटीओ और यातायात विभाग की अचानक हुई एक बड़ी कार्रवाई से शहर के स्कूल वाहन चालकों में हडक़ंप मच गया है। प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के 46 स्कूली गाडिय़ों को जब्त कर लिया है, जिसके बाद भडक़े वाहन चालकों ने कलेक्टर ऑफिस पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।
पूरा मामला जाबालिपुरम् स्कूल वाहन चालक संघ’ से जुड़ा है। जिसके तहत आज स्कूली वाहनों के पहिए थमे रहे और आज स्कूली बच्चों को लाने ले जाने के लिए वाहन चालकों ने हड़ताल का ऐलान किया। वाहन चालकों का कहना है कि अब भी उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो वे अनश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
जाबातिपुरम् स्कूल वाहन चालक संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक यातायात विभाग ने अचानक घेराबंदी कर दर्जनों वाहनों को जब्त कर लिया है। चालकों का कहना है कि वे वर्षों से निजी वाहनों के जरिए बच्चों को स्कूल लाने-ले-जाने का कार्य कर रहे हैं, जिससे उनका परिवार चल रहा है। संघ के सचिव धनराज पटेल, उपाध्यक्ष अमित राजपूत ने बताया कि वे आरटीओ कार्यालय में अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे। वहां से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। कलेक्टर से मिलने की सलाह दी गई थी। मंगलवार को संघ के लोग सदर पेंटीनाका चौक में एकत्रित हुए और विचार विमर्श के बाद कलेक्ट्रेट पहुंच गए। संघ के सदस्यों ने कहा कि नियमों का पालन करने के लिए वे तैयार हैं। लेकिन अचानक की गई कार्रवाई से सैकड़ों चालकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। चालकों ने कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान निकालने और जब्त वाहनों को राहत देने की अपील की है।
ये रखी मांगे
वाहन चालक संघ ने कलेक्टर के सामने अपनी मांगे रखी कि वैन और ईको चालकों को निजी वाहन से व्यवसायिक वाहन में परिवर्तित करने के लिए विशेष शिविर लगाया जाए। आरटीओ द्वारा मान्य अधिकृत विक्रेताओं से सीएनजी किट चालित वाहनों को स्कूली परिवहन के लिए अनुमति दी जाए। चालकों की सीमित आय को देखते हुए कम से कम खर्च में परमिट, फिटनेस, इंश्योरेंस और टैक्स में राहत प्रदान की जाए। स्कूली बच्चों के बैग रखने के लिए व्यवस्थित कैरियर लगाने की अनुमति दी जाए। नियम विरुद्ध बच्चों को ले जा रहे ई-रिक्शा चालकों पर सख्त कार्रवाई की जाए। चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू करने के लिए विशेष नवीनीकरण शिविर लगाया जाए। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी वाहन चालकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाए।
परिजन और स्कूली               बच्चे हुए परेशान
अचानक स्कूली वाहन चालकों की हड़ताल से स्कूली बच्चे एवं अभिभावक परेशान हो गए। जिन्हें हड़ताल की खबर नहीं थी वे रोज की तरह अपने बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करके वाहन का इंतजार कर रहे थे। तो वहीं कामकाजी लोगों ने सुबह तक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ दिया लेकिन छुट्टी के बाद स्कूल से बच्चों को वापस लाने के लिए उन्हें भी परेशान होना पड़ा।

 

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Jai Lok
Author: Jai Lok

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