
विधायक पुत्र, सक्रिय भाजपा युवा नेता हर्ष तिवारी मामले में पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी की हुई पहचान
जबलपुर (जय लोक)। लड़ाई में सब जायज है यह कहावत बेहद ही विरोधाभासी है। नैतिकता, मानवता और संस्कारों को दरकिनार करते हुए की गई नीचता से भरी हरकतें कहीं से भी उचित नहीं ठहराई जा सकती हैं। राजनीति में हर गलत चीज को सही कहना उचित नहीं होता है। पनागर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुशील तिवारी इंदु के छोटे पुत्र हर्ष तिवारी जो की एक सक्रिय भाजपा युवा मोर्चा के नेता भी हैं और लगातार सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के कार्यों में तेजी से अपनी सक्रियता बढ़ा रहे हैं, यही वजह है कि इसे प्रतिद्वंदिता और राजनीतिक द्वेष रखने वाले कुछ लोगों ने पर्दे के पीछे से उनकी छवि को धूमिल करने का पूरा षड्यंत्र तैयार किया और उसके लिए इंस्टाग्राम के दो पेज तैयार किए गए जिनका उद्देश्य केवल हर्ष तिवारी से संबंधित फर्जी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर वीडियो बनाना और उसे प्रसारित करने का था। इस आईडी से अन्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं यहां तक की मंत्री विधायकों के भी इस प्रकार के वीडियो पूर्व में बनाए जाने की जानकारी सामने आ रही है।
हाल ही में जेल से छूट एक युवा नेता इस पूरी साजिश की जद में आया है। शिकायतकर्ता के समक्ष इस बात के प्रमाण और जानकारियां सामने आई हैं कि किसी युवा नेता के द्वारा पर्दे के पीछे से भाजपा नेता युवा नेता हर्ष तिवारी की छवि खराब करने का प्रयास करने के उद्देश्य से यह फर्जी और अनर्गल एआई का उपयोग कर वीडियो बनाए गए हैं।
संस्कारधानी में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता कई दशकों से विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच में बनी रहना स्वाभाविक बात है। विचारों का मतभेद हमेशा स्वागत योग्य माना जाता है जिसके कारण स्वस्थ बहस के माध्यम से सकारात्मक बातों को आगे आने का स्थान मिलता है। लेकिन इस राजनीतिक विरोध में एक ही दल की छत्रछाया में राजनीति करने वाले लोग ही आपस में टकराते नजर आ रहे हैं। ईष्र्या का, जलन का भाव, होना चाहिए क्योंकि यही आपको अपने प्रतिद्वंदी से और बेहतर अच्छे कार्य कर अपनी स्थिति को मजबूत बनाने में सहायक भाव का काम करता है। लेकिन ईष्र्या और जलन के भाव की गिरफ्त में आकर जब नीचता से परिपूर्ण हरकतें की जाती है तो उसका हर ओर विरोध होता है।

यह है मामला
भाजपा विधायक सुशील तिवारी के बेटे हर्ष तिवारी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने का मामला सामने आया है। इंस्टाग्राम के जरिए वायरल किए गए वीडियो में कई भ्रामक जानकारियां होने का आरोप है। मामले में विगत दिवस मदन महल पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज की है। मदन महल पुलिस के अनुसार इंस्टाग्राम पर ए ओएनई डॉट जीरो जीरो और डिजिटल भिखारी नाम की दो आइडी से हर्ष तिवारी के वीडियो अपलोड किए गए। इस बात की श्रेयांश बिल्थरे ने साइबर सेल में शिकायत की है।

आरोपी की हो गई पहचान
साइबर सेल से शिकायत मदन महल थाने भेजे जाने के बाद पुलिस ने एफआइआर दर्ज की। पुलिस ने दोनों इंस्टाग्राम आइडी के आइपी एड्रेस के आधार पर वीडियो अपलोड करने वाले व्यक्ति का पता लगा लिया है। फर्जी और फेक वीडियो किसके द्वारा बनाए गए यह जानकारी भी पुलिस को मिल चुकी है आरोपियों को पुलिस ने चिन्हित कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। जल्दी आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर लेगी। दूसरे पक्ष के लोगों को इस बात का पूरा अंदेशा है कि यह कृत्य जानबूझकर उनके विरोधियों के द्वारा करवाया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार इसमें एक अन्य भाजपा के तथाकथित युवा मोर्चा नेता का नाम चर्चाओं में आया है।





