
इस साल 10 दिन की नवरात्रि होगी
जबलपुर (जयलोक)। शक्ति की भक्ति का महापर्व नवरात्र आज से प्रारंभ हो गया है। 20 अक्टूबर को दशहरा पर्व मनाया जाएगा। भगवती की आराधना इस वर्ष 10 दिन होगी। महापर्व के प्रथम दिन बैठकी पर देवी, देवालयों,मंडपों में घट स्थापना के साथ जवारे बोये गए हैं। इस बार माँ गज पर सवार होकर आईं हैं। पूरे नौ दिन तक मां जगदंबे की आराधना भक्त अपनी शक्ति अनुसार करेंगे। इस दौरान शहर भर के देवी मंदिरों को जगमग रोशनी से सजाया गया है। आज बैठकी पर ब्रम्ह मुहुर्त से ही देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। घर, मंदिरों तथा दुर्गा पंडालों में पूजा पाठ घट स्थापना के साथ साधना, भक्ति का उजास चौतरफा दिखाई दे रहा है। इसी के साथ ही व्रत उपवास का क्रम भी प्रारंभ हुआ है जो पूरे नौ दिनों तक चलेगा।
मंदिरों में उमड़ेगी श्रद्धा और भक्ति – नगर के शक्ति पीठों बड़ी खेरमाई मंदिर, भानतलैया, बूढ़ी खेरमाई, चारखंभा, काली मंदिर सदर, शारदा मंदिर मदनमहल, छोटी खेरमाई दीक्षितपुरा, खेरमाई मंदिर मानस भवन के पीछे, दुर्गा मंदिर गलगला, हरदौल मंदिर गंजीपुरा, बंगलामुखी शक्तिपीठ सिविक सेंटर के अलावा शहर के अन्य दुर्गा मंदिरों में आज नवरात्र के पहले दिन भक्तों की भीड़ सुबह से बनी हुई है। वहीं मंदिरों में धार्मिक आयोजनों के साथ साथ विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।
प्रथम दिन, माँ शैलपुत्री का पूजन- नवरात्र के प्रथम दिन माँ भगवती शैलपुत्री का पूजन किया जा रहा है। आज के दिन दो वर्ष की कन्या को आमंत्रित कर उनका पूजन किया जाता है। उन्हें मिष्ठान, वस्त्र भेंट किए जाते हैं। आज के दिन असाध्य रोगों की मुक्ति के लिए भगवती का पूजन अवश्य करना चाहिए।
बड़ी महाकाली की स्थापना आज- गढ़ाफाटक की प्रसिद्ध बड़ी माता महाकाली की विशाल प्रतिमा आज बैठकी को स्थापित की गई है। 14 फुट की महाकाली न बल्कि जबलपुर में बल्कि पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है और दूर-दूर से लोग दर्शन करने आते है, समिति ने बताया कि आज शाम 6 बजे भव्य आयोजन के साथ प्रथम दर्शन का आयोजन किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधाओं का ध्यान रखते हुए सभी व्यवस्थाएं की है।
बंगलामुखी मंदिर में अखंड ज्योति कलश की स्थापना- शारदेय नवरात्रि के पावन पवज़् पर माता बगलामुखी मंदिर में होंगे धार्मिक आयोजन भक्तों द्वारा भगवती की अखंड ज्योति कलश स्थापित होंगी। बगलामुखी माता के दरबार में आज से 20 अक्टूबर तक शारदेय नवरात्रि के पावन पर्व पर बगलामुखी सिद्ध पीठ शंकराचार्य मठ में धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। नवरात्रि के 9 दिन तक प्रात: काल से रात्रि पर्यंत भगवती की आराधना चलेगी सर्वप्रथम प्रात: काल भगवती का श्रृंगार अर्चन किया जा रहा है।
नवरात्र पर बाजारों में रौनक, मिट्टी के दीये और कलश की बढ़ी माँग- शारदीय नवरात्र के लिए पहले शनिवार को बाजारों में खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। घरों में कलश स्थापना और देवी आराधना की तैयारियों के बीच मिट्टी के दीये, कलश और हवन पात्र की मांग रही। वहीं, मां दुर्गा की मूर्तियों, चुनरी, पोशाकों और पूजन सामग्री की दुकानों पर भी दिनभर खरीदारी होती रही। त्योहारों के चलते लंबे समय से मंद पड़े कारोबार में तेजी की उम्मीद से दुकानदारों के चेहरे खिल उठे हैं। दुकानों पर मां दुर्गा की मूर्तियों, चुनरी, नारियल, धूप-बत्ती, हवन सामग्री, सजावटी झालर और अन्य पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए लोग पहुंचे। घरों और पूजा पंडालों में तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीदते नजर आए।
परंपरागत मिट्टी के कलश और हवन पात्र की माँग- नवरात्र में मिट्टी के कलश और हवन पात्र की मांग भी बनी हुई है। इनका निर्माण अब भी परंपरागत तरीके से किया जा रहा है। दुकानदार ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में डिजाइनदार कलश का चलन बढ़ा था, लेकिन इस बार परंपरागत कलश और हवन पात्र की मांग अधिक दिखाई दे रही है। उन्हें बिक्री बढऩे की उम्मीद है। नवरात्र के बाद दशहरा और दिवाली जैसे त्योहारों के चलते मिठाई, कपड़ा और आभूषण कारोबार में भी तेजी आने की संभावना है। त्योहारों के इस दौर से कारोबारियों को मंदी से उबरने और बिक्री बढऩे की उम्मीद है।

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