
पदस्थापना के साथ ही मिली बड़े धार्मिक आयोजन की चुनौती को बखूबी किया पूरा
जल्द लगेगा ऑटो चालकों के लिए स्वास्थ्य शिविर आंखों का परीक्षण होगा
परितोष वर्मा
जबलपुर (जय लोक)। मध्य प्रदेश शासन ने इस बार प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले असामान्य रूप से देश में चल रहे प्रमुख त्योहारों के दौरान ही कर दिए। सामान्य रूप से प्रमुख त्योहार या बड़े आयोजनों के पूर्व जिले के प्रमुख अधिकारियों के तबादले नहीं किए जाते क्योंकि हर एक जिले की अपनी अलग प्राथमिकताएं होती हैं और अलग चुनौतियां होती हैं। प्रदेश शासन के निर्णय के बाद जबलपुर के कलेक्टर के रूप में बेहतर सेवाएं दे रहे राघवेंद्र सिंह को मंडी बोर्ड का एमडी बनाकर भोपाल पदस्थ किया गया। वहीं जबलपुर जिले की कमान आईएएस अरुण कुमार विश्वकर्मा को सौपी गई।
जबलपुर जैसे बड़े जिले की कमान संभालते ही यहां पर देश में दूसरे स्थान का माने जाने वाला दशहरा पर्व चुनौती के रूप में प्रशासन के नए अधिकारी के समक्ष था। दक्ष अधिकारियों की यही पहचान होती है कि वह चुनौतियां से निपटना भली भांति जानते हैं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने भी जिले में तत्काल अपना पदभार ग्रहण करते ही अपने कनिष्ठ और वरिष्ठ अधिकारियों से बेहतर तालमेल बनाया और सभी जानकारियाँ एकत्रित कर स्वयं पुलिस अधीक्षक के साथ दौरा करने मैदान में उतर गए इस दौरान उन्होंने बारीकियों से जरूरत के बिंदुओं का अध्ययन किया जो व्यवस्थाएं चली आ रही हैं उन्हें समझा और उन्हें और कैसे बेहतर बनाया जा सकता है इस पर अधिकारियों से चर्चा कर निर्देश जारी कर व्यवस्थाएं करवाईं। परिणाम सामने है दशहरा चल समारोह व अन्य सभी गतिविधियां सामान्य रूप से संपन्न हुईं, अगले एक-दो दिनों तक विसर्जन का सिलसिला जारी रहेगा इसके लिए भी संबंधित अधिकारियों को तैनात कर कलेक्टर अरुण कुमार स्वयं समीक्षा कर रहे हैं।
इसके साथ ही जिले के विकास के लिए क्या जरूरी कदम उठाने जाना है इस पर भी कलेक्टर अरुण कुमार ने अपनी कार्यप्रणाली के अनुरूप कार्य प्रारंभ कर दिया हैअरुण कुमार विश्वकर्मा की कार्य प्रणाली जिले की जरूरत के हिसाब से अपनी प्राथमिकताएं तय कर जिले को विकसित करने में समय सीमा निर्धारित कर कार्य करने वाली रही है। अपनी इसी कार्य प्रणाली के आधार पर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने कार्य योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया है।जय लोक से चर्चा करते हुए कलेक्टर अरुण कुमार ने कहा कि अब आने वाले समय में जिले में औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के क्षेत्र में विशेष रूप से ध्यान केंद्रित कर कार्य योजनाएं बनाई जाएंगी। आईएएस अधिकारी अरुण कुमार विश्वकर्मा का मानना है कि जिले में यह दोनों आवश्यक मूलभूत संरचनाएं हैं जो भी जिले के विकास और रोजगार के प्रतिशत को बढ़ाकर लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में काम आती है।
ऑटो वालों के लिए लगेगा हेल्थ कैंप
विगत दिवस नगर भ्रमण पर निकले नवागत कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने विभिन्न स्थानों पर शहर में ऑटो चलाने वाले चालकों से भी बात कर उनकी समस्याओं को सुना और समझा। कलेक्टर अरुण कुमार ने जय लोक को बताया कि ऑटो चालकों से चर्चा के दौरान इस बात की आवश्यकता समझ में आई कि काफी लंबे समय से ऑटो चालकों की आंखों का परीक्षण नहीं हुआ है। जल्द ही उनके लिए एक हेल्थ कैंप लगाया जाएगा जिसमें जरूरत अनुसार अगर किसी को चश्मे की आवश्यकता है तो उसे उपलब्ध कराया जाएगा इसका मुख्य उद्देश्य यही होगा कि किसी भी प्रकार से दुर्घटनाओं की स्थिति को निर्मित ना होने दिया जाए।




