
एमबीए आईआईएम बैंगलोर से, एलएलएम नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से, जेएनयू से पब्लिक मैनेजमेंट एनएसआईटी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग की उच्च शिक्षा हासिल कर ऊर्जावान अधिकारी ने संभाला मोर्चा
जबलपुर (जय लोक)। वर्तमान समय में युवा आईएएस अधिकारी अपनी दक्ष शिक्षा के आधार पर जो नवाचार कर परंपरागत व्यवस्थाओं में बदलाव कर कार्यों के पूर्ण करने की नई कार्य प्रणाली विकसित कर रहे हैं वह न केवल अच्छे परिणाम दे रही है बल्कि सार्थक और सकारात्मक ऊर्जा के साथ अधिकारियों को बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित भी कर रही है।
जबलपुर नगर निगम को नए आयुक्त के रूप में बेहद उच्च शिक्षित युवा आईएएस अधिकारी प्राप्त हुआ है।आयुक्त अग्रिम कुमार ने जबलपुर नगर निगम में का पदभार ग्रहण करते ही अपनी सक्रियता दर्ज करा कर चल रहे कार्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी और जवाबदारी दोनों का स्पष्ट संदेश अधीनस्थ अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ शहर के नागरिकों के बीच प्रसारित कर दिया है। सफाई व्यवस्था शहर की पहली मूलभूत महत्वपूर्ण सेवा है। इस कार्य को दुरुस्त करने के लिए आयुक्त अग्रिम कुमार ने एक नई कार्य प्रणाली लागू कर इसकी निगरानी की मजबूत व्यवस्था बनाने का प्रयास किया है।
यह प्रयास जबलपुर में चल रहे विकास कार्यों और निगम को मिली उपलब्धियों को अगले पायदान पर ले जाने के लिए सार्थक साबित होंगे।
आईएएस अग्रिम कुमार ने उच्च शिक्षा हासिल कर सिविल सेवा के माध्यम से समाज सेवा का मार्ग चुना है। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी दिल्ली से मास्टर आफ लॉ एलएल एम, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से पब्लिक मैनेजमेंट का विषय लेकर मास्टर आफ आट्र्स, नेताजी सुभाष इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर इंजीनियरिंग, स्कूल का बिजनेस इकोनॉमिक्स एंड लो यूनिवर्सिटी ऑफ़ गौथनबर्ग और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की उच्च शिक्षा हासिल की है। उनकी इस उच्च शिक्षा का अनुभव लाभ अब जबलपुर में चल रहे विकास कार्यों को मिलेगा।
सुबह 6:30 बजे से नजर आते हैं फील्ड पर- आयुक्त अग्रिम कुमार ने भी पदभार ग्रहण करने के उपरांत अगले दिन से ही नगर निगम आयुक्त की जो सभा सफाई व्यवस्था की निगरानी की परिपाटी को जारी रखा। आयुक्त अग्रिम कुमार भी सुबह 6:30 बजे से शहर के विभिन्न वार्डों में अचानक पहुंचकर चल रही व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर रहे हैं। सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए उन्होंने एक नया फार्मूला अभी लागू किया है। नए फार्मूले से निगरानी की कार्य प्रणाली बदलेगी जिसके तहत रेड जोन, यलो जोन और ग्रीन जोन में कार्य को विभाजित कर निगरानी की जाएगी। सफाई मित्रों की सुरक्षा और उनके आर्थिक पक्ष की सुरक्षा की भी आयुक्त अग्रिम कुमार ने चिंता की है और इस संबंध में भी नए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
कर्मचारियों से स्थापित कर रहे सीधे संवाद- व्यवस्थाओं को और बेहतर और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयुक्त अग्रिम कुमार हकीकत से रूबरू होने के लिए अपने निरीक्षण के दौरान सीधे कर्मचारियों से संवाद स्थापित कर स्थितियों को समझकर आंकलन कर रहे हैं और भविष्य में जल्द ही कार्यों को और बेहतर बनाने की रणनीति भी सामने आएगी।

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