
हिंदूवादी संगठनों ने जताया आक्रोश, जबलपुर-दमोह मार्ग पर लगाया जाम
जबलपुर (जयलोक) कटंगी में मृत जानवरों के अवशेष मिलने के बाद, हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश उमड़ा है। संगठनों का कहना है कि जो अवशेष मिले हैं, वे पूरी तरह से गोवंश के हैं और प्रशासन इस मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। इसके परिणामस्वरूप, हिंदू संगठनों ने आज धरना-प्रदर्शन किया है और कटंगी बंद का आव्हन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रशासन गोवंश की हत्या को दबा रहा है, और इसी तरह से अन्य क्षेत्रों में भी इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। कटंगी में 23 जून और फिर 26 जून को मिले गौवंश के शव को लेकर हिंदू संगठनों का गुस्सा भडक़ उठा है। खास तौर पर पुलिस और प्रशासन की जाँच से हिंदूवादी संगठन नाखुश नजर आ रहे हैं। एक के बाद एक गौवंश की हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं जिसके खिलाफ हिंदूवादी संगठनों ने विरोध के तहत कटंगी बंद किया। आज प्रदर्शनकारियों ने जहाँ प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध जताया तो वहीं दूसरी ओर जबलपुर दमोह मार्ग में चार घंटे तक जाम किया। इस बंद को कटंगी में सभी का समर्थन मिला, दुकान संचालकों ने भी गौ हत्या के विरोध में अपनी अपनी दुकानें नहीं खोली।
कलेक्टर ने दी समझाईश
कलेक्टर दीपक सक्सेना और एसपी आदित्य प्रताप सिंह को जैसे ही प्रदर्शनकारियों द्वारा जबलपुर-दमोह मार्ग में चकाजाम करने की जानकारी मिली तो वे प्रदर्शनकारियों को समझाने पहुँचे। जहाँ उन्होंने कार्रवाही का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। बजरंगदल, और दूसरे हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता प्रशासन और पुलिस की जाँच से खुश नहीं दिखाई दे रहे हैं। कलेक्टर के आश्वासन के बाद मार्केट खुला। कलेक्टर ने कहा कि जांच रिपोर्ट को दोबारा देखा जाएगा। वहीं संगठनों ने एक बार फिर जाँच करने की माँग की।
3 थानों का पुलिस बल तैनात
हंगामा बढ़ता देख मौके पर तीन थानों का पुलिस बल लगाया गया। वहीं स्थिति को नियंत्रित करने में एएसपी सूर्यकांत शर्मा एसडीएम मानवेन्द्र सिंह भी पहुँचे।
क्या है मामला
कटंगी के मोहला गांव के टुल्ला बाबा की पहाड़ी में 57 अवशेष जानवरों के मिले थे। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। प्रशासन ने इसकी जांच करवाई और 24 घंटे में रिपोर्ट देकर सिर्फ पांच गोवंश होने का दावा किया। रिपोर्ट को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ता भडक़ गए।
सुबह से बंद रहीं दुकानें
जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बंद का आव्हान कर दिया। व्यापारियों ने भी इस मामले में समर्थन देते हुए बाजार बंद रखा। सुबह से दुकानों के शटर नहीं खुले। कलेक्टर के आश्वासन के बाद बंद खत्म हुआ। दोपहर बाद व्यापारियों ने बाजार खोल दिया।
ज्ञापन देते हुए ये भी रखी माँग
बजरंग दल के सुमित सिंह ठाकुर, रघुराज यादव समेत कई नेताओं ने ज्ञापन देते हुए मांग उठाई कि गौवंश हत्या करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो उनके मकान तोड़े जाए। गौवंश तस्कर के वाहनों को राजसात किया जाए।
धारदार हथियार से काटा गया था
चिकित्सकों की रिपोर्ट में ये भी साफ हुआ है कि तीन अवशेष की जांच में पता चला है कि उन्हें धारदार हथियार से काटा गया था। प्रशासन ये स्पष्ट नहीं कर पा रहा है कि काटे गए जानवर गोवंश हैं। पूरे मामले में बजरंग दल की शिकायत पर पुलिस ने जांच की।
ये आया जाँच रिपोर्ट में
57 पशु अवशेष के संबंध में प्रथम दृष्टया यह प्रतीत नहीं होता है कि उन्हें मारा गया है। यह साक्ष्य नहीं मिले हैं कि मौक़ा स्थल पर जानवरों को अवैध ढंग से काटा जाता रहा है। यह साक्ष्य भी नहीं मिले हैं कि तुल्ला बाबा की पहाड़ी में मृत जानवरों को लाकर फेंका जाता रहा है। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में पालतू एवं जंगली जानवर विचरण करते हैं। दुर्घटना या सामान्य मृत्यु होने पर शव वहीं पड़े रहते हैं, जो कालान्तर में अवशेष में परिवर्तित हो जाते हैं। प्रकरण में पुलिस द्वारा अनुसंधान किया जा रहा है। विस्तृत छानबीन और साक्ष्य के आधार पर विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।






