Download Our App

Home » दुनिया » अमेरिकी टैरिफ का भारत ने निकाला तोड़, अब चीनी एफडीआई पर लगे प्रतिबंध हटेंगे!

अमेरिकी टैरिफ का भारत ने निकाला तोड़, अब चीनी एफडीआई पर लगे प्रतिबंध हटेंगे!

नई दिल्ली (जयलोक)। अमेरिकी टैरिफ के चलते भारत और चीन के रिश्ते मजबूत हो रहे हैं। दोनों देश जिस गति से नजदीक आते दिख रहे हैं, जिसके चलते भारत सरकार चीन से आने वाले विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटाने पर विचार कर रही है। एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक जरूरत पडऩे पर प्रेस नोट 3 की समीक्षा की जा सकती है, जिससे चीन से निवेश के नियमों में बदलाव हो सकता है।
बता दें कि प्रेस नोट 3 के अनुसार, भारत के साथ जमीनी सीमा साझा करने वाले देशों से एफडीआई के लिए सरकारी मंजूरी अनिवार्य है। अप्रैल 2020 में लागू इस नियम का मकसद भारतीय कंपनियों को अवसरवादी अधिग्रहण से बचाना था। यह कदम खासकर सीमा पर तनाव के बाद चीन को ध्यान में रखकर उठाया गया था। पिछले हफ्ते एक कार्यक्रम में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह नियम उस समय जरूरी था और भारत के रणनीतिक हितों से जुड़ा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एफडीआई पर रोक नहीं है, बल्कि पूर्व-मंजूरी की शर्त है, और कई कंपनियों को मंजूरी दी गई है। प्रेस नोट 3 के भविष्य पर सवाल उठने पर गोयल ने कहा कि वह मौजूदा स्थिति पर ही टिप्पणी कर सकते हैं और समय के साथ फैसले बदल सकते हैं। नीति आयोग ने पिछले महीने सुझाव दिया कि चीन से 24 प्रतिशत तक के एफडीआई के लिए अनिवार्य सरकारी मंजूरी की शर्त हटाई जाए। इससे चीनी कंपनियों को भारतीय कंपनियों में 24 प्रतिशत तक निवेश के लिए पूर्व-मंजूरी की जरूरत नहीं होगी, जिससे भारत में चीनी निवेश बढ़ सकता है।
ट्रंप के टैरिफ युद्ध के कारण पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार देखा गया है। मंत्रियों और अधिकारियों के दौरे हुए हैं। नई दिल्ली और बीजिंग ने सीधी उड़ानें शुरू करने, पर्यटकों को अनुमति देने और सीमा विवादों को सुलझाने के लिए बातचीत तेज करने पर सहमति जताई है। माना तो ये भी जा रहा है कि अमेरिका द्वारा 27 अगस्त 2025 से भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले ने भी इस दिशा में योगदान दिया, और दोनों देश एक दूसरे के नजदीक आ गए। पिछले हफ्ते चीनी विदेश मंत्री वांग यी के दौरे के बाद चीन ने रेयर अर्थ मैग्नेट और उर्वरकों की आपूर्ति के लिए सहमति दी है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर छह साल बाद इस महीने बीजिंग गए और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिले। दोनों देश रिश्तों को बेहतर बनाने की दिशा में प्रयासरत हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए चीन जाएंगे। सात साल में यह उनका पहला दौरा होगा, जहां वे राष्ट्रपति शी से मुलाकात करेंगे।

 

बद्जुबानी करने वाले कांग्रेस पूर्व पार्षद पर दर्ज हुई एफआईआर ,जाएगा जेल

Jai Lok
Author: Jai Lok

RELATED LATEST NEWS

Home » दुनिया » अमेरिकी टैरिफ का भारत ने निकाला तोड़, अब चीनी एफडीआई पर लगे प्रतिबंध हटेंगे!