
जबलपुर (जयलोक)। मध्यप्रदेश में तस्करों ने बड़े स्तर पर अपना कारोबार संचालित कर रखा है। गांजा तस्करों ने जबलपुर को अपना डिपो बना लिया है। यहां से पूरे प्रदेश में वे गांजा बेचते हैं। गांजा तस्कर उडि़सा से गांजा सीधे मंगवाते हैं यह गांजा रायपुर से होकर शहर आता है। इसके साथ ही तस्करों ने कटनी को भी गांजा के कारोबार का अड्डा बनाया हुआ है। गांजे के तस्कर प्रशासन के लिए चुनौती बने हुए हैं। यह आश्चर्यजनक है कि गांजे के तस्करों ने जबलपुर को पूरे प्रदेश के लिए अपना सबसे सुरक्षित अड्डा बना लिया है।

नए साल के पहले पकड़ा गया एक करोड़ 80 लाख का गंाजा
नए साल के पहले जबलपुर एसटीएफ की दो विशेष टीमों ने गोपनीय सूचना के आधार पर अनूपपुर जिले के जेतहरी थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। एसटीएफ की टीम ने एक करोड़ 80 लाख रुपये का 599 किलो गांजा जब्त किया था। बताया जा रहा है कि यह गांजा ओडिशा से लाया गया था। जो जबलपुर होते हुए कई जिलों में भेजा जाना था।

छत्तीसगढ़ से जबलपुर लाई गई 61 किलो गांजे की खेप
8 अगस्त को छत्तीसगढ़ से जबलपुर लाई जा रही 61 किलो गांजे की खेप के साथ पुलिस ने 5 तस्करों को गिरफ्तार किया था। 12 लाख से अधिक कीमत के गांजा के अलावा दो कार, मोबाइल और नकद बरामद हुए थे। संजीवनी नगर पुलिस ने यह कार्रवाही की थी। जिसमें उन्हें पता चला कि छत्तीसगढ़ निवासी तस्कर गांजा की सप्लाई करने जबलपुर आए हुए हैं। तस्कर गांजे की सप्लाई के लिए अंधमूक बाईपास सर्विस रोड पर बहदन रेल्वे अंडर ब्रिज के समीप ग्राहक का इंतजार कर रहे थे।

महिलाओं के साथ मिलकर बेचा जा रहा था गांजा
2025 के शुरूवात में जनवरी में पुलिस ने सात तस्करों को पकड़ा था जिनसे 67 किलो गांजा बरामद किया गया था। जिसमें कुछ महिलाएं भी शामिल रहीं। पकड़े गए गांजे की कीमत 14 लाख रूपये थी। यह गांजा उड़ीसा से लाया गया था।
पेट और पैर में बांधकर करते रहे गांजे की तस्करी
नवंबर में पुलिस ने दो गांजा तस्करों को रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 6 के बाहर से पकड़ा था। दोनो तस्कर पेट व पैरों में गांजा बांधकर तस्करी करते रहे, पुलिस ने दोनों के कब्जे से पांच किलो गांजा बरामद किया है। सिविल लाइन पुलिस को खबर मिली कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 6 के बाहर दो युवक रामदयाल प्रजापति व लल्लन यादव संदिग्ध हालत में खड़े है. जिसपर पुलिस पहुंच गई, पुलिस को देखते ही दोनों ने दौड़ लगा दी। पुलिस ने पीछा करते हुए दोनों को पकडक़र तलाशी ली तो उनके पेट व पैरों में गांजा के पैकेट बंधे मिले।
महिलाएँ भी नहीं पीछे
गांजा तस्करी के मामले में महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। कई मामलों में पुलिस ने गांजा बेचने निकली महिलाओं को भी गिरफ्तार किया है। तस्कर शातिराना तरीके से उन महिलाओं को इस कार्य में लगाते थे जिन्हें पैसे की जरूरत हो। महिलाओं पर पुलिस को शक ना हो इसका भी ध्यान रखा जाता था।
गांजा बेचते प्रेमी जोड़ा पकड़ाया
नवंबर में रायपुर से गांजा लाकर शहर में बेचने निकले प्रेमी जोड़ों को पुलिस ने पकड़ा था। जो जल्दी अमीर बनने के लालच में यह कार्य कर रहे थे।
तालाब किनारे गांजा बेचने के लिए खड़ी थी महिला – 7 जुलाई को गढ़ा पुलिस गंगा सागर तालाब के पास बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ गांजा की तस्करी कर रही महिला को पकड़ा था। वही नाम पता पूछे जाने पर उक्त महिला ने अपना नाम यशोदा ठाकुर नीवासी शारदा चौक का होना बताया। महिला के पास रखी हुई बोरी की तलाशी लिए जाने पर बोरी के अंदर करीब 5 किलो 835 ग्राम मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया।
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Author: Jai Lok







