
जबलपुर (जयलोक)
राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के अवसर पर समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसन्धान मंडल (सक्षम) और दादा वीरेंद्रपुरी रोटरी नेत्र बैंक के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष नेत्र दान जागरूकता रैली ब्लाइंड फोल्डेड वॉक (अंधत्व की अनुभूति रैली) का आयोजन आज प्रात: 8:30 बजे राइट टाउन स्टेडियम से किया गया। रैली में महापौर जगत बहादुर सिंह भी शामिल हुए। जिन्होंने आंखों में पट्टी बांधकर नेत्रदान करने के लिए जागरूक किया।

इस रैली में संस्कारधानी के नागरिक आँख पर पट्टी बांधकर राइट टाउन स्टेडियम से तीन पत्ती चौक, मालवीय चौक होते हुए भारत माता चौक सिविक सेंटर पहुंचे, रैली का समापन वंदे मातरम उद्यान में हुआ।
डॉ. पवन स्थापक ने बताया कि इस रैली का मुख्य उद्देश्य समाज को यह अहसास कराना है कि दृष्टिबाधित लोगों का जीवन कितनी कठिनाइयों से गुजरता है और कैसे हमारा एक छोटा सा कदम (नेत्रदान) किसी के अंधेरे जीवन को रौशनी से भर सकता है। इस रैली में सभी ने आँखों पर काली पट्टी बाँधी। कुछ कदम अंधेरे में चलकर हम उस चुनौती को महसूस किया, जो हमारे दृष्टिहीन भाई-बहन रोज़ जीते हैं। इस अनुभूति के साथ हम समाज को नेत्रदान के प्रति जागरूक कर रहे हैं, ताकि जो लोग अब तक इस सृष्टि की सुंदरता, ऊँचे शिखरों, नदियों को ,तारों और अपने परिजनों को देखने से वंचित हैं, वे भी इस खूबसूरत दुनिया को देख सकें। इस कार्यक्रम में समस्त रोटरी क्लब, स्टेडियम परिवार, गुड मॉर्निंग क्लब, जबलपुर डिविजनल ओफ्थल्मिक सोसाइटी, आईएमए जबलपुर, सुप्रभातम परिवार,अखिल विश्व गायत्री परिवार, महाकोशल चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स, जबलपुर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स, दादा वीरेंद्रपुरी जी नेत्र संस्थान (देवजी नेत्रालय), दृष्टिहीन कन्या शाला, शासकीय दृष्टिहीन विद्यालय, सामाजिक न्याय विभाग आदि संस्थाएं शामिल रहीं।

कार्यक्रम में शामिल होने डॉ. पवन स्थापक, पीयूष जैन, देवेंद्र सोनी, डॉ. नवनीत सक्सेना, डॉ. आयुष टंडन, डॉ. ऋचा शर्मा, डॉ. अमरेंद्र पांडेय, डॉ. आशीष गुप्ता, डॉ. रविन दास, डॉ. अविजित विश्नोई,अजीत दुबे, ,बी. बी. शर्मा, सुनील फाटक, मोहित तिवारी, प्रभव माहेश्वरी, शिवशंकर कपूर, संतोष विश्वकर्मा, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, अशोक परयानी, डॉ. अंकित सेठ, पूनमचंद मिश्रा, अरविन्द गुप्ता, संतोष जैन, संदीप अग्रवाल, एच. पी. तिवारी, डॉ. अर्पिता स्थापक, डॉ. अपूर्वा स्थापक, श्रीमती अनुपमा स्थापक, डॉ. सोनिया टंडन सामाजिक कार्यकर्ताओं उपस्थित रहे।


Author: Jai Lok






