
नई दिल्ली (एजेंसी/जयलोक)। प्रतिबंधित आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की कार्रवाई के बीच अब इसकी गतिविधियों और भर्ती के तरीकों में बड़ा बदलाव सामने आया है। करीब 700 सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद, यह नेटवर्क अब सोशल मीडिया के माध्यम से नए युवाओं को अपने साथ जोडऩे और उन्हें हिंसक गतिविधियों के लिए तैयार करने की कोशिश कर रहा है।एजेंसियों के मुताबिक, नेटवर्क के खिलाफ हुई पिछली कार्रवाई में कई बड़ी साजिशों को नाकाम किया गया था, जिनमें संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी से निगरानी, लक्षित हत्याएं, सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी और नकली नोटों का कारोबार शामिल था। अब बचे हुए सदस्य नई रणनीति के तहत धार्मिक भावनाओं को भडक़ाने, आर्थिक लालच देने और विदेश में बेहतर जीवन का सपना दिखाकर युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, इस नेटवर्क से जुड़े 100 से अधिक इंस्टाग्राम खातों को हटाने के लिए मेटा को अनुरोध भेजे जा चुके हैं, लेकिन एक खाता बंद होने पर कई नए बन जाते हैं, जिससे सोशल मीडिया पर निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। एजेंसियां एन्क्रिप्टेड संदेश मंचों पर भी पैनी नजर रख रही हैं। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, शुरुआत में नेटवर्क युवाओं को पैसे और ऐशो-आराम की जिंदगी का लालच देकर जोड़ता था, जिसमें महंगी गाडिय़ों और आलीशान मकानों की तस्वीरें दिखाकर उन्हें अपराध की दुनिया में शामिल होने पर ऐसी जिंदगी मिलने का विश्वास दिलाया जाता था। छोटे-मोटे काम के लिए करीब पांच हजार रुपये तक दिए जाते थे। अब भर्ती की रणनीति में धार्मिक पहचान और सम्मान की रक्षा जैसे मुद्दों को शामिल किया है।





