
दिन में दो बजे कच्ची शराब के विवाद पर बाबा टोला बस्ती में चले दनादन चाकू ने ली युवक की जान
जबलपुर।सागर शराब कांड में कच्ची शराब में 30 लोगों की मौत होने के बाद पूरे प्रदेश में कच्ची, नशीली अवैध शराब के खिलाफ मुहीम चलाने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिए हैं। किसी भी प्रकार की अवैध शराब चाहे वो कच्ची हो, जहरीली हो, महुआ की हो या भट्टी की हो। अगर वह अवैध तरीके से बनाई और बेची जा रही है तो उसे रोकने का काम आबकारी विभाग का है। आबकारी विभाग का गठन भी प्रदेश में इसी उद्देश्य से हुआ है। ऐसी स्थिति में कल दोपहर दो बजे हनुमानताल थाना क्षेत्र के बाबा टोला बस्ती में कच्ची शराब को लेकर हुई दनादन चाकूबाजी में सूरज चौधरी की हत्या आबकारी विभाग के माथे चढ़ गई है। यह पूर्ण रूप से आबकारी विभाग और थाना स्तर पर पुलिस की लापरवाही का नतीजा है कि लंबे अरसे से क्षेत्र में बिक रही कच्ची शराब के कारोबार पर वे अंकुश नहीं लगा पाए। इस हत्या के दोषी सिर्फ चाकू चलाने वाले नहीं बल्कि प्रथम स्तर पर आबकारी विभाग और दूसरे नम्बर पर क्षेत्रीय थाने में पदस्थ जिम्मेदार लोग भी हैं।
इस पूरे मामले पर कांगे्रस के युवा नेता विजय रजक ने गंभीर मिलीभगत के आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि सागर जिले में हुए अवैध कच्ची शराब से हुई दर्जनों मृत्यु से जबलपुर आबकारी विभाग ने सीख ली होती और यदि जिले में संचालित सभी अवैध शराब ठिकानों को बंद करने में अपनी ऊर्जा दिखाई होती तो शायद हनुमानताल क्षेत्र में जो खूनी संघर्ष हुआ वह नहीं होता। आबकारी विभाग के उपायुक्त संजीव दुबे को पहले भी ज्ञापनों के माध्यम से वीडियो बनाकर यह जानकारी दी गई थी कि शहर में सब तरफ शराब ठेकेदारों के द्वारा शराब की बोतलों को एमआरपी से अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा है जिसके कारण सस्ती शराब पीने के चक्कर में छोटी बस्तियों में जहरीली कच्ची शराब की दुकानें संचालित होती है और पैसे बचाने के चक्कर में गरीब वर्ग इन दुकानों तक पहुंचकर जहरीली शराब को पीकर अपनी जान से खेलते हैं। जिसका नतीजा है कि कल बाबा टोला क्षेत्र में भी दो लोगों पर जान लेवा हमला हुआ जिसमें एक की जान चली गई और दूसरा मरणासन हालत में मेडिकल में इलाजरत है।

यह था मामला

रविवार दोपहर लगभग 2 बजे के आसपास हनुमानताल थाना अंतर्गत बाबा टोला बस्ती के अंदर संचालित अवैध कच्ची जहरीली शराब की दुकान में शराब पी रहे सूरज चौधरी और भूरा चौधरी पर धारदार हथियार से किसी ने हमला कर दिया जिसमें सूरज चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई और भूरा चौधरी को मरणासन हालत में मेडिकल रिफर किया गया है जहां उसका इलाज जारी है। इस हत्याकांड के बाद मृतक की बहनों ने खुले रूप से क्षेत्र में कच्ची शराब बेचे जाने के आरोप लगाए हैं। जिसके बाद यह स्पष्ट है कि इस पूरे क्षेत्र में कच्ची और अवैध शराब का व्यापार खुलेआम संचालित हो रहा है।

Author: Jai Lok






