
नई दिल्ली । कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे बड़े पैमाने पर लोगों के वोटिंग अधिकार छीनने की बात से ध्यान भटकाने के लिए घुसपैठियों का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) प्रक्रिया को शाह द्वारा शुरू किया गया नाम हटाने के अभियान को शाह की ओर से प्रेरित निष्कासन करार दिया।
इस प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर तीन सीधे सवाल पूछते हुए रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि एसआईआर का बचाव करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री से तीन बहुत ही सरल और स्पष्ट सवाल हैं।
1. कितने घुसपैठियों की पहचान की गई?
2. कितने घुसपैठियों के नाम हटाए गए?
3. कितने घुसपैठियों को वापस भेजा गया?
उन्होंने आगे कहा कि 100 करोड़ भारतीयों को एसआईआर प्रक्रिया से गुजरना पड़ा है। उन्हें इसके नतीजे जानने का हक है। केंद्रीय गृह मंत्री पर और निशाना साधते हुए रमेश ने सवाल किया कि क्या सरकार असली वोटरों को विदेशी नागरिक मानती है।
कांग्रेस नेता ने सवाल किया, असल बात यह है कि शाह के कहने पर हटाए जाने (एसआईआर) के सूत्रधार बार-बार घुसपैठियों का तर्क देते हैं ताकि लोगों का ध्यान इस सच्चाई से हटाया जा सके कि बेताब जोड़ी ने लगभग 14 करोड़ भारतीयों से उनका वोट देने का संवैधानिक अधिकार छीन लिया है। क्या वह यह कहना चाहते हैं कि ये 14 करोड़ भारतीय घुसपैठिए हैं? क्या गृह मंत्री के तौर पर उन्होंने घुसपैठियों की संख्या में हुई इस भारी बढ़ोतरी को देखा है?





