
फिनटेक कंपनियां करेंगी कमाई
नई दिल्ली,(एजेंसी/जयलोक)। फिनटेक कंपनी कैशफ्री पेमेंट्स कारोबारियों के लिए एआई एजेंट लॉन्च कर रही है ताकि भुगतान से जुड़े कामों को स्वचालित बनाया जा सके। भारत में फिनटेक कंपनियां भुगतान की प्रोसेसिंग के अलावा कमाई का नया जरिया बनाने के लिए एजेंटिक यूज केस यानी एआई एजेंट वाले समाधान की ओर बढ़ रही हैं। रिले नाम के इस एआई एजेंट का इस्तेमाल कारोबारी कई कामों के लिए कर सकते हैं, जैसे- फेल हुए पेमेंट को दोबारा प्रोसेस करना, अधूरी कार्ट पर फॉलो-अप करना, कैश-ऑन-डिलिवरी ऑर्डर भेजने से पहले पुष्टि करना, फेल सबस्क्रिप्शन का प्रबंध करना और डिस्प्यूट फाइल करना।

कंपनी का लक्ष्य ऐसे एजेंट के जरिये 20,000 करोड़ रुपए की गंवाई हुई ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू वापस पाना है। ये एजेंट उन ग्राहकों को प्रेरित कर सकते हैं जिनके लेनदेन बीच में ही रोक देने की संभावना है। ये एजेंट ग्राहकों से वॉइस या टेक्स्ट के जरिये बातचीत शुरू कर सकते हैं या उन्हें छूट देकर लेनदेन पूरा करने के लिए राजी सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कैशफ्री पेमेंट्स के इंजीनियरिंग निदेशक ने कहा कि व्यापारियों के पास परिचालन या ग्रोथ टीम होती है जो यह जानने के लिए ग्राहकों को कॉल करती है कि उन्होंने अपनी कार्ट क्यों रोक दी या पेमेंट के दौरान उन्हें क्या दिक्कतें आईं।

ये टीमें ग्राहकों को छूट भी दे सकती हैं। अब ये काम एआई एजेंट करेंगे। एक छोटे या मझोले कारोबार को भुगतान से जुे कामों में हफ्ते में करीब 60 घंटे लग सकते हैं। कैशफ्री का दावा है कि वह अपने एजेंट के जरिये इस समय को घटाकर 45 मिनट कर सकती है। यह एजेंट बेंगलूरु की कंपनी के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम करता है। कंपनी ने कहा कि कारोबारी लेनदेन का आंकड़ा बाहर के एआई प्रदाता को नहीं भेजा जाता है। उन्होंने कहा कि इस एजेंट का इस्तेमाल ई-कॉमर्स के अलावा लोन रिकवरी जैसे कामों के लिए भी किया जा सकता है। इसमें ग्राहकों से कॉल पर बात करना, ई-पेमेंट मैंडेट की जांच करना और ग्राहक से दोबारा संपर्क करने का सही समय तय करना शामिल हो सकता है। इस एजेंटिक सेवा के लॉन्च होने से कैशफ्री जैसी फिनटेक कंपनियों के लिए यह कमाई का एक नया जरिया है, जो भुगतान उद्योग की कड़ी प्रतिस्पर्धा और पेमेंट प्रोसेसिंग के बहुत कम मार्जिन पर काम करती हैं।


Author: Jai Lok





