
तैयार हो रहीं गणेश प्रतिमाएँ
जबलपुर (जय लोक)। हर साल की तरह इस साल भी कैदी अपना हुनर दिखाकर गणेश प्रतिमाओं का निर्माण कर रहे हैं। इस कार्य में करीब 12 कैदी गणेश प्रतिमाओं को अंतिम स्वरूप दे रहे हैं। प्रतिमाओं के निर्माण के बाद विक्रय के लिए प्रतिमाओं को जेल गेट पर रखा गया है। जेल प्रशासन का कहना है कि बंदियों को मूर्तिकला का प्रशिक्षण दिया गया था, जिसके उपरांत बंदियों ने ईकोफ्रेंडली प्रतिमाएं बनाई हैं। केंद्रीय कारागार के जेलर मदन कमलेश ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस बार 12 बंदियों ने करीब 150 छोटे-बड़े गणेश जी बनाए हैं। ये प्रतिमाएं पूरी तरह मिट्टी से बनाई गई हैं, जिसमें तुलसी के बीच भी डाले गए हैं। प्रशासन का सोचना है कि मूर्ति विसर्जन के उपरांत बीज होने से उसमें तुलसी का पौधा पनप जाएगा, जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर होगौ इसके अलावा इन प्रतिमाओं में देसी रंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो पानी को विषैला नहीं करेगा। इन मूर्तियों में वॉटर कलर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

अपराध से धार्मिकता ओर बढ़े कदम
जेलर मदन कमलेश ने बताया कि जो हाथ पहले अपराध की ओर अग्रसर थे वे अब धार्मकता की ओर बढ़ रहे हैं और वे प्रतिमा निर्माण कर रहे हैं। इन्हीं बंदियों के द्वारा ही इन प्रतिमाओं की जेल के बाहर विक्रय किया जा रहा है।

Author: Jai Lok





