
दुर्गा पंडालों में हुई आकर्षक सज्जा, नाव पर बैठकर होंगे माँ नर्मदा के दर्शन
जबलपुर (जयलोक)। शारदेय नवरात्रि में शहर में पूरी तरह से धार्मिक वातावरण बना हुआ है। पूरा शहर आकर्षक विद्युत साज सज्जा से जगमगा रहा हैं, शहर में एक से बढक़र एक भव्य झांकियां बनाई गई है। जो श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं। दुर्गोत्सव में इस बार आस्था के साथ कल्पना और रोमांच का रंग भी देखने को हर तरफ मिल रहा है। शहर के अलग-अलग पंडालों में थीम आधारित झांकियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बहुत से स्थानों पर आज से थीम आधारित झाकियों की शुरूआत भी हो रही है। कहीं 45 फीट ऊंचे रथ पर भगवान जगन्नाथ के साथ मां दुर्गा विराजेंगी, तो कहीं श्रद्धालु नाव में बैठकर मां नर्मदा के दर्शन करने जाएंगे। कलाकार करीब एक माह से इन झांकियों को सजाने में जुटे हैं।
45 फीट के रथ पर माँ और भगवान जगन्नाथ
सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति, पूर्व शीला टॉकीज में इस बार मां दुर्गा 45 फीट के विशाल रथ पर सवार दिखाई देंगी। उनके साथ भगवान जगन्नाथ भी रथ पर विराजमान होंगे। इस रथ को कलाकार नंद किशोर कनौजिया और ज्ञान विश्वकर्मा ने आकार दिया है। लोहे, कपड़े और अन्य सामग्री से तैयार यह भव्य रथ श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होगा। पंचमी के बाद रथ की पूर्ण झांकी के दर्शन किए जा सकेंगे।
नर्मदा की भी बनी झांकी
बाल दुर्गा उत्सव समिति, साउथ सिविल में इस बार मां नर्मदा (गौरीघाट) के दर्शन होंगे। बड़े क्षेत्र में हूबहू गौरीघाट जैसा दृश्य तैयार किया जा रहा है, जहां बाबा बैजनाथ के मंदिर में माता रानी विराजमान होंगी। आयोजन समिति के कमलेश अग्रवाल ने बताया कि भक्तजन नाव में बैठकर माता रानी के दर्शन करने जाएंगे। नाव में बैठने से पहले उन्हें लाइफ जैकेट पहनना होगा। पंचमी के बाद शहरवासी नौकाविहार का आनंद भी उठा सकेंगे।
श्रृंगार दरबार और मन्नत के नारियल
दीपकला मंदिर समिति, शोभापुर में इस बार मां का श्रृंगार दरबार बनाया जा रहा है। समिति के परवेन्द्र सेन ने बताया कि झांकी में माता रानी की चुनरियां लगी होंगी, जिन पर जय माता दी लिखा होगा। पेड़ों पर अनगिनत मन्नत वाले नारियल बंधे होंगे। दर्शन के लिए आने वाली हर महिला को श्रृंगार का सामान भी दिया जाएगा। यहां तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
जिन्नातों की दुनिया और कल्पवृक्ष में मां
श्री दुर्गोत्सव समिति, यादव कॉलोनी ने जिन्नातों की दुनिया की थीम पर झांकी तैयार की है, जिसकी थीम है हर कदम पर छिपा है एक रहस्य। इसमें रहस्य, रोमांच और कल्पनाओं की अनूठी दुनिया का अनुभव कराया जाएगा। समिति के अध्यक्ष रंजीत पटेल ने बताया कि हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिए कुछ नया और आकर्षक प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। वहीं चंडी माता दुर्गा उत्सव समिति, लिंक रोड मदन महल में कल्पवृक्ष में मन्नत माता की बालरूप प्रतिमा स्थापित की गई है। समिति के अध्यक्ष अनिल पटेल और अमित पटेल ने बताया कि यह समिति का 27वां वर्ष है।वहीं कांचघर बाईकाबगीचा, देवताल मदनमहल की पहाड़ी में चलित झांकियां प्रदर्शन के लिए तैयार हो गई हैं। आज शारदेय नवरात्र की पंचमी से सडक़ों पर श्रद्धालुओं का सैलाब सडक़ों पर उतरेगा। आज गुरुवार को नवरात्रि की पंचमी तिथि है। पंचमी के माँ के पांचवे स्वरुप स्कंद माता का पूजन किया जा रहा है तथा भगवती का पांच प्रकार के वस्त्रों से श्रृंगार किया जाएगा। पंचमी तिथि को प्राय: अधिकांश स्थानों पर जगत जननी की प्रतिमाओं की स्थापना कर ली जाएगी और इसी के साथ ही माँ के विविध रुपों के दर्शनार्थ श्रद्धालुओं का जनसैलाब सडक़ों पर दिखाई देगा। गढ़ाफाटक और पड़ाव की महारानी के रुप में प्रसिद्ध माता महाकाली के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ रहा है। सुबह से ही पूजन अर्चन करने वालों का तांता लग जाता है जो देर रात तक जारी रहता है।
रांझी में मनोकामना वाली महाकाली विराजमान
रांझी स्थित मनोकामना वाली महाकाली की हुई स्थापना 31 वर्षों से होती आ रही है जिसे देखने के लिए दूर दराज और शहर के बाहर से लोग पहुंचते हैं समिति के संस्थापक ने बताया कि भक्तों की सुविधा का ध्यान रखते हुए वहां पर वॉलिंटियर्स और सीसीटीवी कैमरे के साथ सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है।






