
कबाडख़ाने में हुए विस्फोट के बाद 2024 से चल रहा था फरार, दुबई में काटी फरारी
जबलपुर (जयलोक)। ढाई वर्ष के लंबे समय से फरार चल रहा शमीम कबाड़ी आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ ही गया। आरोपी को पुलिस ने अधारताल स्थित उसके घर से हिरासत में लिया है। इस दौरान पुलिस को यह भी पता चला है कि शमीम कबाड़ी फर्जी पासपोर्ट के जरिए दुबई भी जा चुका है और अब तक वह फरारी के दौरान दुबई में ही रह रहा था। लेकिन उसकी एक गलती ने उसे सलाखों के पीछे पहुँचा दिया। शमीम कबाड़ी अब पुलिस पूछताछ कर रही है। ताकि फरारी के दौरान उसका सहयोग देने वालों की भी जानकारी हासिल की जा सके। 25 अप्रैल 2024 को खजरी-खिरिया बाईपास रोड स्थित रजा मेटल इंडस्ट्री के कबाडख़ाने में हुए भीषण विस्फोट के बाद से शमीम कबाड़ी फरार चल रहा था। उसे जाली पासपोर्ट मामले में हिरासत में लिया गया है। बताया जा रहा है कि यह गिरफ्तारी कल देर रात की गई है। जिसमें अधारताल पुलिस ने बीती रात नागपुर के पते से जुड़े कथित कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की है। हालांकि उसकी गिरफ्तारी को लेकर अभी पुलिस अधिकारी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं। अधारताल पुलिस को फर्जी दस्तावेजों के जरिए उसकी लोकेशन की सूचना मिली थी। गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस ने उक्त जगह पर दबिश दी। जहां वह आराम फरमाता हुआ मिला। शमीम को पकडक़र थाने लाया गया जहां उससे पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की मानें तो फर्जी पासपोर्ट मामले में दस्तावेजों के स्त्रोत और अन्य पहलुओं की जानकारी एकत्रित की जा रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित तौर पर फर्जी पहचान पत्र और निवास प्रमाण पत्र किसने तैयार किए तथा पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही।
फर्जी पासपोर्ट मामले में हो सकते हैं बड़े खुलासे
शमीम कबाड़ी की गिरफ्तारी से ना सिर्फ उसके सहयोगियों का पता चल सकेगा बल्कि फर्जी पास्पोर्ट मामले में बड़ा खुलासा भी हो सकता है। नागपुर के पते का इस्तेमाल कर यात्रा दस्तावेज बनवाने के आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस इस बात का भी पता कर रही है कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए किसने उसका पोसपोर्ट तैयार किया।
25 हजार का रखा गया था इनाम
शमीम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 25 हजार रूपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने इसके लिए मुखविर तंत्र भी सक्रिय किया। लेकिन पिछले ढाई सालों से वह पुलिस गिरफ्त से दूर था। लेकिन फर्जी पासपोर्ट के पते ने उसकी गिरफ्तारी का रास्ता खोल दिया।
गोदाम में विस्फोट के बाद सुर्खियों में आया
शमीम कबाड़ी 25 अपे्रल 2024 में अधारताल स्थित गोदाम में ब्लास्ट हुआ था जिसमें दो लोगों की मौतें हुईं थी। उसके गोदाम में सुरक्षा संस्थानों से लाए गए बम भी पकड़े गए थे और बम का विस्फोट भी हुआ था। इस हादसे के बाद शमीम कबाड़ी सुर्खियों में आया। लेकिन घटना के बाद वह फरार हो गया।
फर्जी दस्तावेज से नागपुर में बनवाया था पासपोर्ट
अधारताल थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने बताया कि पूर्व में जबलपुर से बना शमीम कबाड़ी का पासपोर्ट निरस्त किया जा चुका है जिसके बाद इसने नागपुर में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नया पासपोर्ट बनवाया था। इस पासपोर्ट सहारे ही वह दुबई में कई दिनों तक फरारी काट रहा था। फर्जी पासपोर्ट के मामले में ही इसे गिरफ्तार किया गया है। वहीं पासपोर्ट से संबंधित जानकारियों के बारे में इससे पूछताछ की जा रही है।
इनका कहना है
फर्जी पासपोर्ट मामले में शमीम कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। उसने नागपुर में जो पासपोर्ट बनवाया था उसमें सही जानकारी का उल्लेख नहीं किया था। अपने नाम के साथ कई बातों को छुपाया गया था। उसे गिरफ्तार कर इस मामले में पूछताछ की जा रही है।
विपिन ताम्रकार,
अधारताल थाना प्रभारी






