
बीएएलएलबी की परीक्षा में आया बाहर का प्रश्न
परेशान-कर्मचारी हलाकान
धनराशि के दुरुपयोग के भी सामने आए है मामले
अयोग्ता का आरोप झेल रहे कुलगुरु राजेश वर्मा की दिल्ली से लेकर भोपाल तक हुई है शिकायतें
जबलपुर (जय लोक)। रानीदुर्गावती विश्व विद्यालय अयोग्य होने के आरोप झेल रहे अपने कुलगुरु राजेश वर्मा के कारनामों को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। एक ओर जहां कर्मचारी और छात्र कुलगुरू से परेशान हैं तो वहीं आज एक नया कारनामा सामने आया। बीए एलएलबी की परीक्षा में छात्रों से कोर्स से बाहर का प्रश्न पूछ लिया गया। जिससे गुस्साए छात्रों ने परीक्षा छोडक़र परीक्षा हॉल के बाहर कुलगुरू निवास के बाहर प्रदर्शन किया। विश्व विद्यालय की हालत देखकर यह साफ समझ आ रहा है कि कुलगुरू ने अपने कारनामों से विश्व विद्यालय का तमाशा बना दिया है। शायद यह पहली बार हुआ है जब परीक्षा देने बैठे छात्र छात्रायें नाराज होकर परीक्षा हॉल छोडक़र कुलगुरु के निवास के बाहर प्रदर्शन करने बैठ गए।
कुलगुरू राजेश वर्मा की शिकायत भोपाल से लेकर दिल्ली तक पहुँच गई हैं। लगातार उन पर आरोप लग रहे है कि कभी वे कर्मचारियों को अपने मनमाने आदेश से परेशान करते हैं तो कभी शासकीय धनराशि का दुरुपयोग कर रहे हैं। यहां तक कि कुलगुरू पर एक महिला कर्मी के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप तक लग चुके हैं। जिसकी जाँच अभी जारी है। वहीं अब कुलगुरू ने बीए एलएलबी की परीक्षा का तमाशा बना दिया है। राुदविवि के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि किसी कुलगुरू से छात्र और कर्मचारी इतने परेशान दिखें हो। ये कुलगुरु तो प्रदर्शनकारी छात्रों को खड़े होकर हमला करवाने और फिर खुद पुलिस स्टेशन में खड़े होकर मामला दर्ज करवाने वाला निम्न श्रेणी का रिकॉर्ड भी कायम कर चुके है।

बीएएलएलबी की परीक्षा में बवाल
ताजा मामला आज सुबह रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में देखने को मिला। यहां बीएएलएलबी की परीक्षा में बड़ी खामी नजर आई। सत्र से करीब 120 दिन की देरी से आयोजित बीए एलएलबी चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा में सुबह 7 बजे हिंदी के पर्चे में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न देख परीक्षार्थी भडक़ उठे। आक्रोशित छात्र इम्तिहान बीच में छोडक़र सीधे कुलपति निवास पहुंच गए और बाहर धरना देकर जमकर नारेबाजी की। छात्र सुबह 7 से 10 बजे तक बंगले के बाहर बैठकर विरोध दर्ज कराते रहे। विद्यार्थियों ने परीक्षा निरस्त करने और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
पर्चा देख उड़े होश
छात्रों का कहना है कि वे साल भर से दिए गए कोर्स की तैयारी कर रहे थे। लेकिन जब परीक्षा में दिए गए प्रश्न पत्र को देखा तो उनके होश उड़ गए। प्रश्न पत्र में कोर्स से बाहर के प्रश्न पूछे गए थे जिनका छात्रों के पास जवाब ही नहीं था। छात्रों का कहना है कि इतनी बड़ी लापरवाही विवि प्रबंधन कैसे कर सकता है। पर्चे की गड़बड़ी को लेकर जब परीक्षा केंद्र पर मौजूद स्टाफ से बात की गई तो कोई भी सक्षम अधिकारी संतोषजनक जवाब देने के लिए मौजूद नहीं मिला। व्यवस्था की इस घोर अनदेखी से आहत छात्र तत्काल अपनी उत्तर पुस्तिकाएं छोडक़र बाहर निकल आए और सीधे कुलगुरु के सरकारी आवास का घेराव करने पहुंच गए।

लापरवाह पर कार्रवाही की माँग
धरने पर बैठे छात्रों ने कहा कि रात भर पढ़ाई करके सुबह 7 बजे इम्तिहान देने पहुंचे, लेकिन उन्हें गैर-प्रासंगिक पेपर थमा दिया गया। छात्र सुबह 7 बजे से 10 बजे तक करीब तीन घंटे तक कुलपति बंगले के बाहर जमीन पर डटे रहे, लेकिन कुलगुरु आवास से बाहर नहीं निकले। छात्रों ने आरोप लगाया कि पहले ही यह सत्र 120 दिन पिछड़ चुका है और अब ऐसी लापरवाही से उनके अकादमिक करियर के साथ सीधा खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने फिर से परीक्षा आयोजित करने और पेपर तैयार करने वाले अधिकारी पर कार्रवाही की माँग की है।
इनका कहना है
बीए एलएलबी के जिस पर्चे में कोर्स से बाहर का प्रश्न पूछा गया है उसका पेपर फिर से कराया जाएगा। साथ ही इस मामले में जिम्मेदार पर कार्रवाही भी होगी।
सुशील दुबे, परीक्षा नियंत्रक, रादुविवि

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Author: Jai Lok






